{"product_id":"9788119745890","title":"Premashram | प्रेमाश्रम","description":"\u003cp\u003eकाशी के जमींदार परिवार के मुखिया प्रभाशंकर और भतीजे ज्ञानशंकर की जमींदारी में लखनपुर एक गाँव है। 'प्रेमाश्रम' उपन्यास में प्रेमचंद लखनपुर के लोगों की व्यथा कथा लिखते हैं कि कैसे अपने आसामी किसानों के उत्पीड़न से बेपरवाह जमींदार अपनी ही रासलीलाओं में मगन हैं। यह उत्पीड़न इतना बढ़ता है कि गाँव के सारे काम करने लायक पुरुष जेल चले जाते हैं ऊपर से बाढ़ और सूखे जैसी प्राकृतिक विपदाएँ अपनी जगह । जमीदार परिवार भी धीरे-धीर बदलता है, विलास की सीमाएँ सामने आती जाती हैं और मजलूम किसानों के भी दिन फिरते हैं, यही कथा है 'प्रेमाश्रम' की।\u003c\/p\u003e","brand":"Yuvaan Books","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":52639410651428,"sku":"9788119745890","price":449.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0997\/1679\/2612\/files\/9788119745890.jpg?v=1775298827","url":"https:\/\/unboundscript.com\/products\/9788119745890","provider":"Unbound Script","version":"1.0","type":"link"}