{"product_id":"9788199169401","title":"Bheetar ki goonj | भीतर की गूँज","description":"\u003cp\u003eयह किताब पढ़ने के बाद एक बात साफ़ महसूस होती है - 'भीतर की गूंज' सिर्फ़ पढ़ी नहीं जाती, जी ली जाती है। लेखक ने किसी समाधान का दावा नहीं किया, बस मन के छिपे कमरों में रोशनी जलाई है। रोज़मर्रा के थकान भरे जीवन, झूठी “मैं ठीक हूँ” वाली मुस्कान, और अपने ही भीतर दबे सवालों को जिस सादगी और ईमानदारी से शब्द दिए गए हैं, वह कम ही देखने को मिलता है। एक पाठक के रूप में, यह किताब बताती है कि मनुष्य की सबसे बड़ी लड़ाई बाहर से नहीं, अपने भीतर से होती है। इसमें कहानियाँ नहीं, हमारे ही जीवन के प्रतिबिंब हैं। लेखक ने कहीं भी उपदेश नहीं दिया, बल्कि धीरे से यह एहसास करवाया है कि शांति बाहर नहीं, सिर्फ़ खुद को सुनने में है । जो भी इंसान दिन भर दुनिया को जवाब देता हो, पर रात में खुद से भाग जाता हो - उसके लिए यह किताब एक शांत, सच्चा, भरोसेमंद साथी है।\u003c\/p\u003e","brand":"Yuvaan Books","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":52639408881956,"sku":"9788199169401","price":249.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0997\/1679\/2612\/files\/9788199169401.jpg?v=1774425391","url":"https:\/\/unboundscript.com\/products\/9788199169401","provider":"Unbound Script","version":"1.0","type":"link"}