{"product_id":"classic-hindi-literature-collection-set-of-7-books-rangbhoomi-premashram-nirmala-godan-karmabhoomi-gaban-seva-sadan-flash-sale","title":"Classic Hindi Literature Collection – Set of 7 Books | Rangbhoomi, Premashram, Nirmala, Godan, Karmabhoomi, Gaban \u0026 Seva Sadan | Flash Sale","description":"\u003cp\u003eRangbhoomi | रंगभूमि -\u003cspan\u003e \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eअंधे भिखारी सूरदास के पास एक ज़मीन है, जो पूरे गाँव के पशुओं की चारागाह है। जॉन सेवक उस पर सिगार का कारखाना लगाना चाहता है। अकेला सूरदास गाँव के लिए उस ज़मीन को बचाने की लड़ाई लड़ता है। इस लड़ाई में वह राजा, पूंजीपति, गाँव के षड्यंत्रकारियों और शहरी न्यायतंत्र से लड़ता हुआ शहीद होता है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003ePremashram | प्रेमाश्रम -\u003cspan\u003e \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eकाशी के जमींदार परिवार के मुखिया प्रभाशंकर और भतीजे ज्ञानशंकर की जमींदारी में लखनपुर एक गाँव है। 'प्रेमाश्रम' उपन्यास में प्रेमचंद लखनपुर के लोगों की व्यथा कथा लिखते हैं कि कैसे अपने आसामी किसानों के उत्पीड़न से बेपरवाह जमींदार अपनी ही रासलीलाओं में मगन हैं। \u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eNirmala | निर्मला -\u003cspan\u003e \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eमुंशी प्रेमचंद हिन्दी उपन्यास को जासूसी, अय्यारी और पौराणिक कथानकों से निकालकर वास्तविक सामाजिक विषयों तक ले आये। इसमें उनका केन्द्रीय प्रश्न हमारे समाज की आधारी आबादी, यानी की स्त्रियों की समस्याएं थीं। आज आपको शायद यह बात उतनी बड़ी न लगती हो, लेकिन साहित्य में यह एक बड़ा प्रस्थान है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eGodan | गोदान -\u003cspan\u003e \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eगोदान' स्वंत्रतापूर्व भारतीय ग्रामीण जीवन का विश्वसनीय और सर्वश्रेष्ठ उपन्यास है। जमींदारी, साहूकारी और धार्मिक-सामाजिक दबाव कैसे छोटे और मझोले किसानों को कुचलकर नेस्तोनाबूद करते हैं, यह प्रेमचंद ने अपने इस उपन्यास में बड़ी सच्चाई से दर्ज किया है। इस उपन्यास में जहाँ कथित उच्च वर्ग के खोखले और निर्मम स्वरूप को उघाड़कर रख दिया गया है वहीं विधवा-विवाह और जाति समस्या पर भी विचारोत्तेजक बहसें हैं। \u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eKarmabhoomi | कर्मभूमि - 'कर्मभूमि' गाँव और शहर में आ रहे बदलावों की कथा एक साथ कहता हुआ उपन्यास है। गाँव में बढ़ते लगान की चक्की में पिसते गरीब किसान हैं, और उनके ही धन से विलासिता का जीवन जीते जमींदार और उसके कारिदे हैं। किसानों को एक संगठित आंदोलन चाहिए ताकि इस शोषण चक्र से निजात मिले।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eGaban | गबन - 'गबन' की नायिका जालपा का बचपन से एक सपना है—उसे माँ के जैसा ही चंद्रहार मिले। इस स्वप्न के इर्द-गिर्द प्रेमचंद भारतीय मध्यवर्ग के पतन की कथा लिखते हैं। जालपा का स्वर्णाभूषणों के प्रति अतार्किक प्रेम नायक रमानाथ को भ्रष्टाचार की ओर इतना ले जाता है कि वह अन्ततः निर्दोषों को सज़ा कराने के लिए झूठा सरकारी गवाह तक बनने को तैयार हो जाता है; यह 'गबन' की कथा है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eSeva Sadan | सेवा सदन -\u003cspan\u003e \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eकहने को बहुत सारे पात्र हैं, उनके बदलने की परिस्थितियाँ हैं, उनका जटिल जीवन-चक्र भी है। लेकिन प्रेमचंद का उपन्यास 'सेवासदन' सुमन की कहानी है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"Combo_Set","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":67973621678372,"sku":null,"price":1134.45,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0997\/1679\/2612\/files\/Premchand_Classics_Hardcover_Collection_Grid.png?v=1793361479","url":"https:\/\/unboundscript.com\/products\/classic-hindi-literature-collection-set-of-7-books-rangbhoomi-premashram-nirmala-godan-karmabhoomi-gaban-seva-sadan-flash-sale","provider":"Unbound Script","version":"1.0","type":"link"}