{"product_id":"godan-गोदान-gaban-गबन","title":"Godan + Gaban","description":"\u003cp\u003e\u003cspan data-sheets-root=\"1\"\u003eGodan - \u003cspan\u003eगोदान' स्वंत्रतापूर्व भारतीय ग्रामीण जीवन का विश्वसनीय और सर्वश्रेष्ठ उपन्यास है। जमींदारी, साहूकारी और धार्मिक-सामाजिक दबाव कैसे छोटे और मझोले किसानों को कुचलकर नेस्तोनाबूद करते हैं, यह प्रेमचंद ने अपने इस उपन्यास में बड़ी सच्चाई से दर्ज किया है।\u003c\/span\u003e  \u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan data-sheets-root=\"1\"\u003eGaban - \u003cspan\u003eगबन' की नायिका जालपा का बचपन से एक सपना है- उसे माँ के जैसा ही चंद्रहार मिले। इस स्वप्न के इर्द-गिर्द प्रेमचंद भारतीय मध्यवर्ग के पतन की कथा लिखते हैं। जालपा का स्वर्णाभूषणों के प्रति अतार्किक प्रेम नायक रमानाथ को भ्रष्टाचार की ओर इतना ले जाता है कि वह अन्ततः निर्दोषों को सज़ा कराने के लिए झूठा सरकारी गवाह तक बनने को तैयार हो जाता है; यह 'गबन' की कथा है।\u003c\/span\u003e\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"Combo_Set","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":54006747300132,"sku":null,"price":440.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0997\/1679\/2612\/files\/Untitleddesign_9.png?v=1779187360","url":"https:\/\/unboundscript.com\/products\/godan-%e0%a4%97%e0%a5%8b%e0%a4%a6%e0%a4%be%e0%a4%a8-gaban-%e0%a4%97%e0%a4%ac%e0%a4%a8","provider":"Unbound Script","version":"1.0","type":"link"}