{"product_id":"hindi-poetry-shayari-collection-set-of-7-books-us-se-muhabbat-panchiyon-ka-sardar-mai-behoshi-ka-ek-patthar-tha-kaun-jaat-ho-bhai-aadat-hai-humko-ghar-ke-vaaste-bulldozer-ka-sangeet","title":"Hindi Poetry \u0026 Shayari Collection – Set of 7 Books | Us Se Muhabbat, Panchiyon Ka Sardar, Mai Behoshi Ka Ek Patthar Tha, Kaun Jaat Ho Bhai, Aadat Hai Humko, Ghar Ke Vaaste \u0026 Bulldozer Ka Sangeet","description":"\u003cp\u003eUs Se Muhabbat | उस से मुहब्बत - उस से मुहब्बत' इस उन्वान से ही ज़ाहिर है कि वरुण आनंद की शायरी का ये मजमूआ, मुहब्बत की ग़ज़लों, नज़्मों और मसनवियों से सजा है । मुहब्बत की शायरी की इस किताब में महबूब से इजहार है, शिकायतें हैं और जुदाई के लम्हें दर्ज हैं।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cbr\u003ePanchiyon Ka Sardar | पंछियों का सरदार - कौन है ‘पंछियों का सरदार' ‘पंछियों का सरदार’ इस संकलन की एक कविता का पात्र है, जो किसी जंगल के सारे पंछियों का नेता है, उनका मुखिया है। जिसका चरित्र कुछ ऐसा है कि वह किसी चुनौती से नही घबराता, उसे स्वीकारता है और डटकर सामना करता है। हिम्मत नहीं हारता । \u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cbr\u003eMai Behoshi Ka Ek Patthar Tha | मैं बेहोशी का एक पत्थर था - अपने दूसरे कविता संग्रह में वीरू सोनकर थोड़ी अप्रत्याशित परिपक्वता के साथ सामने आ रहे हैं। उनकी कविता में अदम्य आवेग, अपने समय और सभ्यता के रूपों-विद्रूपों और सौन्दर्य और अन्याय की बेरहम शिनाख्त, भाषा और कविता में तेज़ी से फैल रहे रूमानों से अपने को अलग करने की सजगता, बाहर और भीतर के तादात्म्य की अवसन्न पहचान अब पूरी प्रखरता और नवाचार में जाहिर हैं। उनमें दुस्साहस है पर उनकी कविता को मार्मिक विलाप की तरह पढ़ा जा सकता है। \u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eKaun Jaat Ho Bhai | कौन जात हो भाई - इन सभी कविताओं में आए समकालीन सामाजिक-राजनैतिक-आर्थिक- सांस्कृतिक विमर्श, बहस, संघर्ष और दलित-बहुजन चेतना को आसानी से देखा जा सकता है । \u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eAadat Hai Humko | आदत है हमको - गोपाल दत्त प्रसिद्ध अभिनेता और गीतकार गोपाल दत्त का यह कविता संग्रह उनके रचनात्मक संसार का एक नया और अनदेखा पक्ष सामने लाता है। मंच और परदे पर दिखाई देने वाले उनके व्यक्तित्व से परे, यह किताब उन भावनाओं, विचारों और अनुभवों को सहेजती है, जो अक्सर अभिनय की रोशनी में छूट जाते हैं। \u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eGhar Ke Vaaste | घर के वास्ते - यह लोकप्रिय युवा कवि स्वयं श्रीवास्तव का पहला काव्य संग्रह है। इसके हर गीत और नज़्में पहले ही लोगों की ज़ुबान पर हैं। स्वयं श्रीवास्तव अपने समय की असल समस्याओं को उठाते हैं। \u003cbr\u003e\u003cbr\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eBulldozer Ka Sangeet |  \u003cspan class=\"a_GcMg font-feature-liga-off font-feature-clig-off font-feature-calt-off text-decoration-none text-strikethrough-none\"\u003eइस संग्रह की कविताएँ एक सजग और संवेदनशील नागरिक दृष्टि से भारतीय समाज और शक्ति-तंत्र की गहरी पड़ताल करती हैं। समावेशी और बहुलतावादी भारतीय मन और समाज का हिंसक और परपीड़क संरचना में कायांतरण इतनी तेजी किया जा रहा है कि यहाँ समानता और न्याय जैसे मूल्यों के लिए जैसे जगह ही नहीं बची है। सत्ता के बुलडोजर के धक्के से समाज और \u003c\/span\u003e\u003cspan class=\"a_GcMg font-feature-liga-off font-feature-clig-off font-feature-calt-off text-decoration-none text-strikethrough-none\"\u003eव्यवस्था के ढहते जाने के बीच एक आम नागरिक की विवशता और आत्मसंघर्ष इन कविताओं के केंद्र में है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"Combo_Set","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":55969549844772,"sku":"Poet_7","price":940.8,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0997\/1679\/2612\/files\/Untitleddesign_3e65e452-fba3-4054-89ac-1420eb18668a.png?v=1785565764","url":"https:\/\/unboundscript.com\/products\/hindi-poetry-shayari-collection-set-of-7-books-us-se-muhabbat-panchiyon-ka-sardar-mai-behoshi-ka-ek-patthar-tha-kaun-jaat-ho-bhai-aadat-hai-humko-ghar-ke-vaaste-bulldozer-ka-sangeet","provider":"Unbound Script","version":"1.0","type":"link"}