{"product_id":"pakshi-aur-deemak-पक्षी-और-दीमक-by","title":"Pakshi Aur Deemak  पक्षी और दीमक By Dr Vikas kapoor","description":"\u003cp\u003e\u003cspan class=\"a_GcMg font-feature-liga-off font-feature-clig-off font-feature-calt-off text-decoration-none text-strikethrough-none\"\u003eइस नाटक का एक महत्त्वपूर्ण पक्ष है इसकी जनपक्षीय आकांक्षा और मानवीय जीवन को भटकावों से बाहर निकालने, विचलन से दूर करने की पक्षधरता । यह नाटक बताता है कि हमारा भारतीय परिवेश और मनुष्य की मानसिकता अपनी स्वाभाविक प्रवृत्तियों को खोता जा रहा है; वह अपनी संवेदनशीलता, मानवीयता, मूल्यवत्ता, गौरवशाली परम्परा आदि को या तो भूलता जा रहा है या वह जाने-अनजाने उससे छूटता जा रहा है और यह भी कि वह दिन- प्रतिदिन क्रूर, निर्मम, अनैतिक तथा मानसिक धरातल पर हिंसक होता जा रहा है- आश्चर्य की बात यह है कि इस रास्ते पर चलते हुए वह अपने वजूद को भी दाँव पर लगा देता है । इस नाटक की विशेषता यह है कि यह उसे पीछे लौटाता है और उसकी सही ज़मीन पर भी ले आता है। नाटक परिवेश में जड़ जमा रहे अनेकानेक षड्यंत्रकारियों के विरुद्ध वस्तुस्थिति को जाँचने- परखने के साथ ही सोचने-समझने की पैनी दृष्टि भी देता है ।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"Unbound Script","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":55396478353700,"sku":"9788169235020","price":134.1,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0997\/1679\/2612\/files\/9788169235020.jpg?v=1782722548","url":"https:\/\/unboundscript.com\/products\/pakshi-aur-deemak-%e0%a4%aa%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a5%80-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%a6%e0%a5%80%e0%a4%ae%e0%a4%95-by","provider":"Unbound Script","version":"1.0","type":"link"}