{"product_id":"sadabahar-kahanaiya-5-classic-story-collection-in-1-indians","title":"Sadabahar Kahanaiya: 5 Classic Story Collection in 1 - Indians","description":"\u003cdiv data-expanded=\"false\" class=\"a-expander-content a-expander-partial-collapse-content\"\u003e\n\u003cdiv class=\"a-expander-content a-expander-partial-collapse-content\" data-expanded=\"false\"\u003e\u003cspan\u003e\u003cstrong\u003eप्रेमचंद \u003c\/strong\u003e(1880–1936)प्रेमचंद हिंदी के विश्वप्रसिद्ध लेखक हैं। उनके उपन्यास- सेवासदन, प्रेमाश्रम, रंगभूमि, निर्मला, ग़बन, कर्मभूमि, गोदान - भारतीय जन-जीवन का आईना और विश्वसाहित्य की अमूल्य निधियाँ हैं। उन्होंने हिंदी कहानी व उपन्यास को मनोरंजन और निरी उपदेशात्मकता से निकालकर सार्थक सामाजिक आधार दिया। उन्होंने अपने सम्पादन, सामायिक टिप्पणियों और वक्तव्यों के ज़रिए भी समाज को संस्कारित करने की कोशिश की। इस संकलन में उनकी शुरुआती कहानियों से लेकर अन्तिम कहानी - कफ़न तक को संकलित किया गया। इसमें उनकी हर तरह की कहानियाँ हैं। आशा है यह संकलन आपको पसंद आएगा ।\u003c\/span\u003e\u003c\/div\u003e\n\u003cdiv class=\"a-expander-content a-expander-partial-collapse-content\" data-expanded=\"false\"\u003e\n\u003cspan\u003e\u003c\/span\u003e\u003cbr\u003e\n\u003c\/div\u003e\n\u003cdiv class=\"a-expander-content a-expander-partial-collapse-content\" data-expanded=\"false\"\u003e\n\u003cspan\u003e\u003cstrong\u003eरवींद्रनाथ ठाकुर \u003c\/strong\u003e(1861–1941)  रवीन्द्रनाथ ठाकुर बांग्ला के विश्वप्रसिद्ध कवि, कथाकार, गीतकार, चित्रकार और शिक्षाविद थे। जिन्हें श्रद्धा से गुरुदेव कहा जाता है। उन्हें 1913 में गीतांजलि के लिए नोबेल पुरस्कार मिला, जो न सिर्फ़ हिंदुस्तान, बल्कि एशिया को मिला पहला नोबेल पुरस्कार है। उन्हें बांग्लादेश और हिंदुस्तान- दोनों देशों का राष्ट्रगान लिखने का गौरव हासिल है। उन्होंने भारतीय नवजागरण और राष्ट्रिय स्वाधीनता आन्दोलन को गहरे प्रभावित किया और जालियांवाला बाग़ जनसंहार के ख़िलाफ़ 'नाईटहुड' की उपाधि वापस कर दी। लेकिन वह अंधराष्ट्रवादी नहीं थे- वह विश्वमानवता के पक्षधर थे। यह संकलन उनकी बहुरंगी कहानियों का खूबसूरत गुलदस्ता है। आशा है आपको पसंद आएगा।\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e\u003c\/span\u003e\n\u003c\/div\u003e\n\u003cdiv class=\"a-expander-content a-expander-partial-collapse-content\" data-expanded=\"false\"\u003e\n\u003cspan\u003e\u003c\/span\u003e\u003cbr\u003e\n\u003c\/div\u003e\n\u003cdiv class=\"a-expander-content a-expander-partial-collapse-content\" data-expanded=\"false\"\u003e\n\u003cspan\u003e\u003cstrong\u003eआचार्य चतुरसेन शास्त्री\u003c\/strong\u003e (1891–1960)\u003c\/span\u003e\n\u003cp\u003eआचार्य चतुरसेन शास्त्री ने हिंदी के ऐतिहासिक और सामाजिक उपन्यासों को नया प्रस्थान दिया। स्पष्ट विषय, युग विशेष का समर्थ चित्रण, संस्कृतनिष्ठ तथा आलंकारिक भाषा-शैली में के नाते अलग से पहचाने जाते हैं। वैशाली की नगरवधू, वयं रक्षामः, सोमनाथ जैसे उनके उपन्यासों ने उन्हें लोगों के ज़ेहन में अमर कर दिया। उन्होंने अनेक विधाओं में लेखन कार्य किया है, लेकिन उपन्यास और कहानियाँ ही उनकी प्रतिष्ठा का आधार हैं। यहाँ उनकी हर टेस्ट की कुछ श्रेष्ठ कहानियाँ दी जा रही हैं। आशा है आपको पसंद आएँगी।\u003c\/p\u003e\n\u003c\/div\u003e\n\u003cdiv class=\"a-expander-content a-expander-partial-collapse-content\" data-expanded=\"false\"\u003e\n\u003cspan\u003e\u003c\/span\u003e\u003cbr\u003e\n\u003c\/div\u003e\n\u003cdiv class=\"a-expander-content a-expander-partial-collapse-content\" data-expanded=\"false\"\u003e\n\u003cspan\u003e\u003cstrong\u003eशरतचंद्र चट्टोपाध्याय\u003c\/strong\u003e (1876–1938) शरतचन्द्र चट्टोपाध्याय बांग्ला के सुप्रसिद्ध उपन्यासकार एवं काहनीकार हैं। इसमें मनुष्य की भावनात्मक ऊष्मा, त्याग और आदर्श की जैसी उदात्त अभिव्यक्ति है, वह दुनिया के किसी और कथाकार में दुर्लभ है। श्रीकांत और देवदास जैसे उपन्यासों का अनुवाद दुनिया की तमाम भाषाओं में हो चुका है। उनकी कहानियों में सिर्फ़ भावुकता नहीं बंगाल के सामाजिक \u003c\/span\u003eजीवन की झलक भी मिलती है। यों तो उनकी अधिसंख्य रचनाएँ स्त्री - जीवन की दारुण दशा का भावप्रवण अभिव्यक्ति हैं। लेकिन 'अभागी का स्वर्ग' जैसी कहानियाँ जाति-व्यवस्था और स्त्री-दमन के परिच्छेदी बिंदुओं की खोज करती हैं। इस संकलन में उनकी हर तरह की कहानियाँ मिलेंगी।\u003c\/div\u003e\n\u003cdiv class=\"a-expander-content a-expander-partial-collapse-content\" data-expanded=\"false\"\u003e\n\u003cspan\u003e\u003c\/span\u003e\u003cbr\u003e\n\u003c\/div\u003e\n\u003cdiv class=\"a-expander-content a-expander-partial-collapse-content\" data-expanded=\"false\"\u003e\n\u003cspan\u003e\u003cstrong\u003eसुभद्राकुमारी चौहान \u003c\/strong\u003e(1904–1948) \u003c\/span\u003eसुभद्रा कुमारी चौहान के काव्य-प्रभाव का पता लगाने का कोई वस्तुनिष्ठ तरीका होता तो पता चलता कि उनकी कविताएँ पढ़कर कितने ही लोग हँसते-हँसते जेल चले गए। लेकिन उनकी कहानियाँ उपेक्षित रह गयीं। उनकी कहानियों में ज़रूरी सामाजिक मसलों को जिस तरह उठाया गया है उसे देखने पर उनका मुकम्मल व्यक्तित्व उभरता है। यहाँ उनकी कुछ बेहतरीन कहानियाँ संकलित हैं। आशा है आपको पसंद आएँगे।\u003c\/div\u003e\n\u003c\/div\u003e","brand":"Combo_Set","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":55669568045348,"sku":"Sadabahar_5_1","price":438.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0997\/1679\/2612\/files\/Untitleddesign_1.jpg?v=1783406199","url":"https:\/\/unboundscript.com\/products\/sadabahar-kahanaiya-5-classic-story-collection-in-1-indians","provider":"Unbound Script","version":"1.0","type":"link"}