Ashok Kumar Pandey

Ashok Kumar Pandey

अशोक कुमार पांडे एक लेखक और जाने-माने विचारक हैं। हिंदी साहित्य में उनके बेहतरीन योगदान के कारण उन्हें समकालीन हिंदी लेखन में बहुत सम्मान दिया जाता है। 1975 में पूर्वी उत्तर प्रदेश के एक छोटे से गाँव में जन्मे पांडे का बचपन राजनीति और समाज जैसे विषयों पर उनके अहम योगदान की नींव बना। वे अपने गांधीवादी नाना के नक्शेकदम पर चलते हुए बड़े हुए। साथ ही, उन्हें अपनी माँ — जिनके पास इतिहास की डिग्री थी — से कहानियाँ सुनने को मिलीं और अपने पिता — जो एक स्थानीय कॉलेज में भौतिकी पढ़ाते थे — से अनुशासन और मेहनत का गुण मिला। बौद्धिक गहराई, आदर्शवाद और सांस्कृतिक जुड़ाव के इस मेल ने उनकी शुरुआती सोच को आकार दिया और उनके चिंतनशील स्वभाव को निखारा।

24 जनवरी, 1975 को पूर्वी यूपी के एक छोटे से गाँव में जन्मे पांडे ने गोरखपुर विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में एम.ए. किया और उसमें पहला स्थान हासिल किया।

उन्होंने कविताओं के दो संग्रह, लघु कथाओं का एक संग्रह, वैश्वीकरण (ग्लोबलाइज़ेशन) पर एक किताब, और मार्क्सवाद, मार्क्स की आत्मकथा तथा साहित्यिक आलोचना पर एक-एक किताब प्रकाशित की है।

इतिहास पर उनकी हालिया किताबें — "कश्मीरनामा", "कश्मीर और कश्मीरी पंडित" और "उसने गांधी को क्यों मारा" — बहुत लोकप्रिय हुईं और हिंदी की अकादमिक और साहित्यिक दुनिया में उन्होंने काफी चर्चा पैदा की।

Books by Ashok Kumar Pandey

Hinsa Ahinsa Aur Bhagat Singh

Book

Hinsa Ahinsa Aur Bhagat Singh
4.8
• Reviews