Gopal Pradhan

Gopal Pradhan

1965 में पश्चिम बंगाल रूपनारायणपुर (बर्दवान) में गोपाल प्रधान का जन्म हुआ। पिता बंगाल पुलिस के सिपाही थे, इसलिए उनके साथ बंगाल के विभिन्न इलाकों में घूमते रहे। प्राथमिक शिक्षा गृहजनपद गाजीपुर के गौसपुर गाँव में हुई। गोपाल प्रधान की आगे की शिक्षा BHU और JNU से हुई है। वे एक प्रखर हिंदी आलोचक, अनुवादक और डॉ. आम्बेडकर विश्वविद्यालय, दिल्ली (AUD) में प्रोफेसर हैं। उन्होंने छायावाद, हिंदी साहित्य और समाजशास्त्र पर महत्त्वपूर्ण आलोचनात्मक कार्य किया है. साथ ही दर्शन, कला और इतिहास की कई प्रतिष्ठित पुस्तकों का हिंदी अनुवाद भी किया है। जन संस्कृति मंच से लम्बे समय से जुड़े हुए हैं।

आलोचनाः छायावादयुगीन साहित्यिक वाद-विवाद, हिंदी नवरत्न, चेखव।

अनुवादः रवींद्रनाथ ठाकुर, अर्नोल्ड हाउजर, वर्जीनिया वुल्फ, टॉम बॉटमोर, एरिक हॉब्सबॉम, मुशीरुल हसन की पुस्तकों का हिंदी अनुवाद।