Manoj Kumar Jha

Manoj Kumar Jha

नोज कुमार झा हिन्दी के प्रतिष्ठित कवि है। अबतक उनके तीन संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं- तथापि जीवन, कदाचित अपूर्ण, किस्सागो रो रहा है। उन्होंने विश्वप्रसिद्ध चिंतक एजाज़ अहमद की पुस्तक का हिन्दी में अनुवाद और 'पागलों की दिखन' पर शोधकार्य किया है।उनकी बाल कविताएँ हिन्दी की पत्न-पत्रिकाओं में निरंतर प्रकाशित होती रहती हैं। यह उनका दूसरा बाल कविता संग्रह है। संप्रति दरभंगा में निवास और स्वतंल लेखन।