Pankaj Parashar

Pankaj Parashar

पंकज पराशर

पंकज पराशर समकालीन हिंदी के लेखक, आलोचक, शोधकर्ता और सांस्कृतिक अध्येता हैं। साहित्य, इतिहास, संगीत और समाज के अंतर्संबंध उनके लेखन की विशिष्ट पहचान है। आलोचना, उपन्यास, जीवनी, मोनोग्राफ, कविता और अनुवाद सहित विभिन्न विधाओं में उनकी छब्बीस पुस्तकें प्रकाशित हैं। साहित्य अकादमी के लिए लिखे गए तीन मोनोग्राफ सहित उनकी प्रमुख पुस्तकों में ‘पुनर्वाचन’, ‘रचना का सामाजिक पाठ’, ‘विवेचना के रंग’, ‘कविता के प्रश्न और प्रतिमान’, ‘तुलसीदास : भाषा और समाज’ और ‘जलांजलि’ उल्लेखनीय हैं।

भारतीय सांस्कृतिक इतिहास और शास्त्रीय संगीत पर उनका लेखन पुस्तकालयों और अभिलेखागारों से आगे जाकर क्षेत्र-कार्य, दुर्लभ दस्तावेजों और प्रत्यक्ष साक्षात्कारों पर आधारित रहा है। ग़ालिब, 1857 और उर्दू साहित्य से संबंधित उनका लेखन भी लंबे समय से प्रकाशित होता रहा है।

पटना विश्वविद्यालय और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय से शिक्षित पंकज पराशर सम्प्रति अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग में पढ़ाते हैं। इससे पहले वे पंजाब केंद्रीय विश्वविद्यालय में प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष रहे हैं। उन्हें यूजीसी रिसर्च अवॉर्ड, देवशंकर अवस्थी सम्मान तथा इंडोलॉजी विश्वविद्यालय के साउथ एशिया इंस्टिट्यूट की बॉर्डर-बुटेम्बर्ग फेलोशिप प्राप्त हुई है।