Riksunder Banerjee

Riksunder Banerjee

ऋकसुन्दर बनर्जी ने जादवपुर विश्वविद्यालय से बंगाली साहित्य में स्नातक और स्नातकोत्तर की डिग्री पूरी की है। उनकी बंगाली में ट्रेनर अड्डा, प्रवासे दैबेर बोशे, छाया शरीर (बंगाली में भूत-प्रेत कहानियों का संग्रह), चोलर पोधेर खोरकुटो आदि पुस्तकें प्रकाशित हैं और विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में लेख छपते रहते हैं। उनका पी-एच.डी. शोध-प्रबंध समय के साथ साहित्य में भूत-प्रेतों के संक्रमण पर केंद्रित रहा है। वर्तमान में वह बर्दवान विश्वविद्यालय में कार्यरत हैं।