Sarojni Naidu

Sarojni Naidu

(13 फरवरी 1879 – 2 मार्च 1949)

सरोजिनी नायडू –

सरोजिनी नायडू (पूर्व नाम चट्टोपाध्याय) एक प्रसिद्ध भारतीय स्वतंत्रता सेनानी, कवयित्री और राजनीतिज्ञ थीं। वे भारत की स्वतंत्रता के बाद यूनाइटेड प्रोविंसेज़ (वर्तमान उत्तर प्रदेश) की पहली महिला राज्यपाल बनीं। उन्होंने ब्रिटिश शासन के विरुद्ध स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की पहली भारतीय महिला अध्यक्ष भी रहीं।

हैदराबाद के एक शिक्षित बंगाली परिवार में जन्मी सरोजिनी नायडू ने मद्रास, लंदन और कैम्ब्रिज में शिक्षा प्राप्त की। इंग्लैंड में रहते हुए वे महिला अधिकारों (सफ्राजिस्ट आंदोलन) से जुड़ीं और बाद में भारत लौटकर महात्मा गांधी के नेतृत्व में स्वतंत्रता संग्राम का हिस्सा बनीं। उन्होंने स्वराज (स्वशासन) के विचार को आगे बढ़ाने में सक्रिय योगदान दिया और 1925 में कांग्रेस की अध्यक्ष नियुक्त की गईं।

एक उत्कृष्ट कवयित्री के रूप में उनकी पहचान बहुत प्रसिद्ध रही। उनकी कविताओं की मधुरता, भावपूर्ण भाषा और सुंदर कल्पना के कारण महात्मा गांधी ने उन्हें “भारत कोकिला” (Nightingale of India) की उपाधि दी। उनकी रचनाओं में देशभक्ति, प्रेम, प्रकृति और सामाजिक विषयों की झलक मिलती है। उनकी प्रसिद्ध कविता “In the Bazaars of Hyderabad” (1912) आज भी व्यापक रूप से पढ़ी जाती है।

सरोजिनी नायडू का जीवन राजनीति, साहित्य और समाज सेवा का अद्भुत संगम था। उन्होंने न केवल भारत की स्वतंत्रता के लिए संघर्ष किया, बल्कि महिलाओं के सशक्तिकरण और समाज सुधार के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनका व्यक्तित्व आज भी प्रेरणा का स्रोत बना हुआ है।

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