Shiv Shankar Jha

Shiv Shankar Jha

शिव शंकर झा पेशे से एक केंद्रीय सरकारी अधिकारी तथा जुनून से लेखक हैं। कला, साहित्य और संगीत के प्रति उनकी गहरी रुचि उनके व्यक्तित्व और लेखन दोनों में स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। संवेदनशील दृष्टि और रचनात्मक सोच के साथ वे अपने अनुभवों और भावनाओं को शब्दों में सहजता से पिरोते हैं।

उनकी पहली कृति ‘हमीनस्तो’ कविता और गद्य का एक संग्रह थी, जिसे पाठकों ने सराहा। ‘ब्रह्म-पत्र’ उनका पहला हिंदी उपन्यास है। इस उपन्यास के माध्यम से वे अपने पाठकों तक एक नई वैचारिक और भावनात्मक यात्रा पहुँचाने का विनम्र प्रयास कर रहे हैं तथा उनसे प्रेम, स्नेह और आशीर्वाद की अपेक्षा रखते हैं।

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