Upender Kishor Ray Chowdhury

Upender Kishor Ray Chowdhury

( 1863 – 1915 )

बांग्ला के सुविख्यात बाल लेखक उपेंद्रकिशोर राय चौधरी की इस किताब का हीरो एक सियार है और साथ ही बाघ, मगरमच्छ और मनुष्यों समेत कितने ही प्राणियों की मौजूदगी है। वह बार-बार मुश्किलों और मुसीबतों में फँसता है लेकिन प्रत्युत्पन्नमति और चतुराई से हर बार बच निकलने में कामयाब होता है। मूलभाषा में बाल और किशोर पाठकों से बेशुमार मुस्कानें और खिलखिलाहटें अर्जित करने के बाद ये बहुपठित किताब हिन्दी पाठकों के लिए पेश है। सुविख्यात हिन्दी कवि, कथाकार और अनुवाद‌क मीता दास का सहज, प्रवाहमय अनुवाद पाठकीय सुख में और भी इजाफा करता है।