Urmila Gupta

'अनबाउंड स्क्रिप्ट' के तहत हमारा प्रयास उन पांडुलिपियों की जिल्द से बाहर जाकर किशोरों के मन की थाह लेने का है।

हम फ़िक्शन और नॉन-फ़िक्शन के माध्यम से कुछ ऐसी किताबें लाने का प्रयास करेंगे, जो किशोरों तक अपनी पहुँच बना सकें। अक्सर कहा जाता है कि हिन्दी में किशोरों के लिए पढ़ने लायक़ ज़्यादा सामग्री उपलब्ध नहीं है... और जो उपलब्ध है, वो शायद अपनी पठनीयता और विचारों के चलते उनकी पहुँच से बाहर है। हमारा विनम्र प्रयास इसी अन्तराल को भरते हुए मौलिक व अनुवाद के माध्यम से बेहतर टेक्स्ट उपलब्ध कराने का है। हम चाहते हैं हमारे टीनेजर, किशोर बच्चे अपने स्कूली पाठ्यक्रम से इतर कुछ हिन्दी में भी पढ़ें। उससे जुड़ाव महसूस करें। अगर ये किशोर किसी भी कारणवश हिन्दी से दूर रह गए तो इन्हें भी हिन्दी तभी 'कूल' लगेगी, जब बच्चन साहब 'कौन बनेगा करोड़पति' में बोलेंगे।

हमारे नए लेखकों और युवा पाठकों को अनेकों शुभकामनाओं के साथ 'अनबाउंड स्क्रिप्ट' की ये पहली किताब आप सभी को समर्पित है।

उर्मिला गुप्ता