प्रेमचंद (1880–1936) हिंदी और उर्दू के महान यथार्थवादी लेखक, जिन्होंने ग्रामीण जीवन और सामाजिक समस्याओं को अपनी कहानियों और उपन्यासों में उकेरा। प्रमुख कृतियाँ: गोदान, निर्मला।
रवींद्रनाथ ठाकुर (1861–1941) नोबेल पुरस्कार विजेता बंगाली कवि, लेखक, संगीतकार और दार्शनिक। उनकी गीतांजलि विश्वप्रसिद्ध है। भारत और बांग्लादेश के राष्ट्रगान के रचयिता।
जयशंकर प्रसाद (1889–1937) छायावादी आंदोलन के प्रमुख कवि और नाटककार हैं। उनकी कविता कामायनी हिन्दी साहित्य की अमूल्य धरोहर है।
सआदत हसन मंटो (1912–1955) उर्दू के प्रसिद्ध कहानीकार, जिन्होंने विभाजन और मानवीय संवेदनाओं को गहरे ढंग से प्रस्तुत किया। प्रसिद्ध कहानी: टोबा टेक सिंह।
आचार्य चतुरसेन शास्त्री (1891–1960) ऐतिहासिक और सामाजिक उपन्यासों के लेखक हैं। उनकी कृतियाँ भारतीय इतिहास और संस्कृति पर आधारित होती थीं। प्रमुख कृतियाँ: वैशाली की नगरवधू, सोमनाथ।
शरतचंद्र चट्टोपाध्याय (1876–1938) बांग्ला साहित्य के संवेदनशील और सामाजिक उपन्यासकार। उनकी रचनाएँ मानव भावनाओं की गहराई को दर्शाती हैं। प्रसिद्ध कृतियाँ: देवदास, परिणीता।
सुभद्राकुमारी चौहान (1904–1948) देशभक्ति से ओतप्रोत कवयित्री और स्वतंत्रता सेनानी। प्रसिद्ध कविता: झाँसी की रानी।
लियो टॉल्स्टॉय (1828–1910) रूसी साहित्यकार और दार्शनिक। उनके उपन्यास वॉर एंड पीस और अन्ना कैरेनिना विश्व साहित्य में अमर हैं।
ग्यो दे मोपासां (1850–1893) फ्रांसीसी लघुकथा लेखक, जिनकी कहानियाँ यथार्थवादी और अंत में चौंकाने वाली होती थीं। प्रसिद्ध कहानी: द नेकलेस।
लू शुन (1881–1936) आधुनिक चीनी साहित्य के जनक, जिन्होंने समाज की बुराइयों और विडंबनाओं को उजागर किया। प्रसिद्ध रचना: डायरी ऑफ अ मैडमैन।
ऑस्कर वाइल्ड (1854–1900) आयरिश लेखक, व्यंग्यकार और नाटककार। प्रमुख कृतियाँ: द पिक्चर ऑफ डोरियन ग्रे, द इम्पॉर्टेंस ऑफ बीइंग अर्नेस्ट।
मैक्सिम गोर्की (1868–1936) रूसी लेखक और समाजवादी यथार्थवाद के प्रवर्तक। प्रमुख रचनाएँ: मदर, द लोअर डेप्थ्स।
आर्थर कॉनन डॉयल (1859–1930) अंग्रेजी लेखक और शरलॉक होम्स की रहस्यकथाओं के रचयिता, जिनमें तर्क, जासूसी और रोमांच का मेल है।
जैक लंदन (1876–1916) अमेरिकी लेखक हैं, जिन्होंने साहसिक और संघर्षपूर्ण जीवन को विषय बनाया। प्रसिद्ध कृतियाँ: द कॉल ऑफ द वाइल्ड, व्हाइट फैंग।