Eidgaha | ईदगाह - मिलिए नन्हे हामिद से, जिसके पास न नये कपड़े हैं, न पैरों में जूते। ईद का मेला लगा है, सब बच्चे खिलौने और मिठाइयाँ खरीद रहे हैं, लेकिन हामिद के पास हैं सिर्फ़ तीन पैसे।
Bade Bhai Sahab | बड़े भाई साहब - क्या बड़ा होना हमेशा आसान होता है ? मिलिए 'बड़े भाई साहब' से, जो अपने छोटे भाई के लिए एक मिसाल बनना चाहते हैं ।
Do Bailon ki Katha | दो बैलों की कथा - क्या आपने कभी सुना है कि बैल भी बातें करते हैं? मिलिए हीरा और मोती से । ये दोनों बैल सिर्फ़ साथ काम ही नहीं करते, बल्कि एक-दूसरे के लिए अपनी जान भी दांव पर लगा देते हैं।