Kankaal | कंकाल

Kankaal | कंकाल

Rs. 299
Skip to product information
 
                
Exclusive Tyndale.com Preview
           
          
       
         

Information

                 
       
         

Add additional descriptions, sizing guides, or brand info here.

       
     
   
 

Kankaal | कंकाल

Rs. 299
In Stock

कंकाल जयशंकर प्रसाद का पहला उपन्यास है। इसका रचनाकाल 1929 है। इस लिहाज से देखें तो यह सदी भर पुराना उपन्यास है। किसी पाठक के मन में यह सहज ही आ सकता है कि इतने पुराने उपन्यास में उसके लिए क्या होगा? इस उपन्यास को पढ़ते हुए आपके सामने अपना समय भी होगा, आप घटना संदर्भों में समय का अंतराल महसूस करेंगे, लेकिन आप पाएंगे कि मनुष्य की मूलभूत मानसिक वृत्तियाँ इतनी तेज़ नहीं बदलतीं, इसलिए उसके मानसिक संघर्ष भी कम- अधिक वही बने रहते हैं।आप इसमें दर्ज धार्मिक अधःपतन देखेंगे तो आपको अपने समय के बाबा और महंत दिखेंगे। आप धर्म, समाज और नैतिकता के उन मूलभूत प्रश्नों से टकराएंगे, जिनमें आप सामान्यतः उलझे होते हैं, लेकिन धैर्य से सोचने का अवसर नहीं आता।

Check delivery availability

Book Details

Publisher Yuvaan Books
Edition 1ST
ISBN 9788198146328
Year 2026
Format Paperback
Pages 248
Language Hindi

You may also like