Gautam Rajrishi

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कर्नल गौतम राजऋषि - टॉल-डार्क-हैंडसम...ऊंहूँ...नॉट सो टॉल और नॉट सो डार्क, लेकिन निश्चित रूप से 'हैंडसम' यह शायर-लेखक ख़ुद को पहले एक 'सोल्जर' मानता है फिर पिता-बेटा- भाई-पति-दोस्त। लेखक होना इन सबके बाद... बहुत बाद आता है । अपनी ग़ज़लों के लिए मशहूर कर्नल साब जब मूड में आते हैं तो ख़ूबसूरत कहानियाँ भी बुनते हैं। उनकी कहानियाँ अनेक प्रतिष्ठित पत्र-पत्रिकाओं में छप चुकी हैं। अपने पच्चीस साल के सैन्य-काल में मध्य और उत्तरी कश्मीर का चप्पा-चप्पा खंगाल चुके कर्नल साब का कहना है कि "चप्पा-चप्पा के बीच में हायफ़न भी होता है तो शायद एक-दो जगहें छूट गयी हों, वरना कश्मीर का नक़्शा उनकी हथेली की रेखाओं पर तराशा हुआ है"। तेरह साल से ऊपर कश्मीर में पदस्थापित रहे कर्नल गौतम ने कुछ बहुत ही घातक मुठभेड़ों का सामना किया है। एक मुठभेड़ में आतंकवादियों की गोलियों का निशाना भी बने, लेकिन ढेर सारी गोलियाँ अपने जिस्म में लिये अभी भी तंदरूस्त घूमते नज़र आते हैं। अदम्य बहादुरी और निस्स्वार्थ कतर्व्यपरायणता के लिये सरकार द्वारा पराक्रम पदक व सेना मेडल से सम्मानित किये जा चुके हैं।

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4.8
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