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Informer | इन्फॉर्मर By Gautam Rajrishi

Rs. 239
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वो एक भगोड़े आतंकवादी की पत्नी थी। वह एक शातिर राजनेता का बेटा था। वो कश्मीर के एक लोकप्रिय अख़बार की संवाददाता थी । वह भारतीय सेना का एक सख़्तजान पैरा कमांडो था । आर्टिकल 370 के हटने के बाद बदलते हुए कश्मीर की वादियों में उन दोनों की दोस्ती हुई। धीरे-धीरे दोस्ती बढ़ने लगी, वो उसके लिए दुश्मनों के ठिकाने की ख़बर लाने लगी और वो उन दुश्मनों पर कहर बनकर टूटने लगा। फिर दोस्ती, मुहब्बत, जज़्बा, नैतिकता और समर्पण आपस में गड्डमड्ड होकर एक ऐसी कहानी को सामने लाए, जिसमें सही और ग़लत का भेद कर पाना ही नामुमकिन हो गया।

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Book Details

Publisher Yuvaan Books
Genre Army Adventure
Edition 1st
ISBN 9789347125133
Year 2025
Format Paperback
Pages 240
Language Hindi

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  • 5 stars: 20 (100%)
  • 4 stars: 0 (0%)
  • 3 stars: 0 (0%)
  • 2 stars: 0 (0%)
  • 1 star: 0 (0%)
H
Haripal singh Karki
Jawan ki kahani ,jawan ke jubaani Bahut acchi book he

Jawan ki kahani ,jawan ke jubaaniBahut acchi book he

A
Abhay
Beautifully written 🙌

इनफॉर्मर केवल एक सैन्य थ्रिलर नहीं, बल्कि भावनाओं, कर्तव्य और टूटते हुए इंसान की कहानी है। यह उपन्यास दिखाता है कि युद्ध सिर्फ़ सरहदों पर नहीं लड़ा जाता, कई बार सबसे कठिन लड़ाई इंसान अपने भीतर लड़ रहा होता है। समर प्रताप सिंह का किरदार इस कहानी की सबसे बड़ी ताकत है, क्योंकि वह किसी आदर्श नायक की तरह नहीं, बल्कि कमज़ोरियों, गुस्से, उलझनों और अधूरी भावनाओं से भरे एक वास्तविक इंसान की तरह सामने आता है।कहानी में सेना के ऑपरेशन, आतंकवाद के खिलाफ मिशन और मुखबिर की भूमिका को बेहद यथार्थवादी तरीके से दिखाया गया है। लेखक ने किसी भी चीज़ को ज़रूरत से ज़्यादा नाटकीय बनाने की कोशिश नहीं की, बल्कि हर स्थिति को उसी कठोरता और सच्चाई के साथ लिखा है जैसी वह वास्तव में महसूस होती होगी। एक गलत सूचना, एक छोटी सी चूक या किसी पर ज़्यादा भरोसा—यहाँ हर फैसला जानलेवा साबित हो सकता है।शाज़िया का किरदार कहानी में सिर्फ़ भावनात्मक जुड़ाव के लिए नहीं है, बल्कि वह इस पूरी कथा को मानवीय गहराई देती है। समर और शाज़िया के बीच का रिश्ता धीरे-धीरे विकसित होता है और इसी वजह से वह बेहद वास्तविक महसूस होता है। दोनों किरदार अपने-अपने दर्द और अतीत के बोझ के साथ जी रहे हैं, इसलिए उनकी खामोशी भी संवाद जैसी लगती है।कश्मीर का चित्रण किताब की आत्मा जैसा लगता है। लेखक ने घाटियों की खूबसूरती के साथ वहाँ का भय, बेचैनी और अस्थिर माहौल इस तरह लिखा है कि पाठक खुद को उसी दुनिया का हिस्सा महसूस करने लगता है। कहानी यह भी दिखाती है कि हालात किस तरह इंसान को बदल देते हैं और कई बार सही-गलत की सीमाएँ धुंधली पड़ जाती हैं।इस किताब की सबसे खास बात यह है कि यह केवल रोमांच पैदा नहीं करती, बल्कि पाठक को सोचने पर मजबूर भी करती है। समर का संघर्ष, उसके भीतर का खालीपन, रिश्तों को समझने में उसकी असफलता और लगातार खुद से लड़ते रहना—ये सब चीज़ें कहानी खत्म होने के बाद भी लंबे समय तक याद रहती हैं। “इनफॉर्मर” ऐसी कहानी है जो सिर्फ़ पढ़ी नहीं जाती, बल्कि भीतर कहीं महसूस होती रहती है।

R
Renuka Sharma
Nice story 👏🏻

इस किताब की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह सिर्फ देशभक्ति की कहानी नहीं कहती, बल्कि इसके पीछे छिपे मानसिक, नैतिक और भावनात्मक द्वंद्व को भी बेहद गहराई से उजागर करती है। समर का भारतीय सेना में चयन, उसका पैरा कमांडो बनना, और आतंकवाद के खिलाफ उसकी लड़ाई—ये सब पढ़ते हुए पाठक के अंदर एक गर्व की भावना जागती है। लेकिन लेखक ने इसे केवल वीरता की गाथा बनाकर नहीं छोड़ा, बल्कि इसमें इंसानियत और रिश्तों की जटिलता को भी बखूबी पिरोया है।कहानी का सबसे दिलचस्प मोड़ तब आता है जब समर की मुलाकात शाजिया से होती है—एक भगोड़े आतंकवादी की पत्नी, जो कश्मीर के एक लोकप्रिय अख़बार की संवाददाता है। साजिया का किरदार बेहद प्रभावशाली और बहुआयामी है। वह सिर्फ एक पत्रकार नहीं, बल्कि परिस्थितियों से जूझती, अपने अतीत के बोझ को ढोती और सच की तलाश में भटकती एक औरत है।इस किताब की एक और बड़ी ताकत इसका यथार्थवादी दृष्टिकोण है। यह न तो किसी को पूरी तरह सही ठहराती है और न ही पूरी तरह गलत। बल्कि यह दिखाती है कि हालात कैसे इंसान को ऐसे मोड़ पर ला खड़ा करते हैं, जहाँ हर फैसला अधूरा और हर रास्ता कठिन लगता है।अगर आप ऐसी कहानियाँ पढ़ना पसंद करते हैं जो सिर्फ मनोरंजन ही नहीं, बल्कि आपको सोचने पर मजबूर करें, तो “Informer” आपके लिए एक बेहतरीन किताब है। यह आपको एक ऐसे संसार में ले जाती है, जहाँ हर भावना सच्ची है, हर फैसला कठिन है, और हर कहानी के कई पहलू हैं।

H
Hemant
An engaging read

I picked up Informer out of curiosity and ended up really enjoying it. The book feels rooted in real Indian experiences and keeps you engaged throughout. Gautam Rajrishi’s writing is sharp and thoughtful. A meaningful Hindi read that stays with you even after finishing

A
Amazon Customer
Must Read

Great book and must read. Would highly recommend to purchase

u
utkarshgarg
Jammu opertions book

Informerजिन्होंने #हैशटैग पढ़ रखा है, तो अच्छा है—यह उसी कहानी को आगे बढ़ाता है।कहानी में कुछ किरदार और हैं—समर (शमशेर), शजिया (कश्मीरी), रेहाना (शजिया की बहन), मेहनूर (शजिया की बेटी), कर्नल, मेजर मुकेश (मुस्तफ़ा) आदि।कश्मीर में किए गए एनकाउंटर पर आधारित कहानी, जिसमें जानकारी इनफार्मर से मिलती है और समर व उसकी टीम उस जानकारी के आधार पर ऑपरेशन को अंजाम देती है।कैसे मुलाकात होती है समर की शजिया से?समर को क्या-क्या करना पड़ता है एक इनफार्मर से जानकारी निकलवाने के लिए?क्या उसका झूठ पकड़ा जाता है और हमले में मारा जाता है?क्या रेहाना भी इनफार्मर का काम करती है और सूचना देती है?क्या समर शगुन को भूल पाता है?क्या रितिका, समर को भूल पाती है?क्या शजिया को समर सब सच-सच बता देता है?क्या समर शजिया की बहन से निकाह कर लेता है?पिता-पुत्र का रिश्ता भी कैसा अजीब-सा होता है न, कई बार।फिर भी कोई अदृश्य-सा ताना-बाना दोनों को आपस में गुथे हुए है।कितना बड़ा अजूबा है न ये संसार—एक स्त्री की उपस्थिति मात्र से पुरुष का पूरा दृष्टिकोण बदल जाता है।"सैनिकों को अपने दुख में चीखने की अनुमति नहीं देती उनकी वर्दी।"एक पाठक की कलम सेउत्कर्ष गर्ग

K
Kshitij Sharma
बहुत खूब

अगली किताब कब आएगी ? प्रतीक्षा मुश्किल लग रही है

R
Rahul kumar Pandey
One of the best novels on Kashmir issue and challenges faced by army men

I haven't read such fresh perspective on the long running Kashmir issue... From a functional point of view. Gautam has tried to bring forth the layers of truth we cannot witness sitting in our comfort zones. He has given space to different stake holders and various perspectives in his novel. The prose is fluid and it matches the spirit of the plot. Coming from a major, the novel is well worth your time if you like reading contemporary Hindi fiction.

S
Suneel Kataria
A Must READ

What details of the way Army operates in J&K. The emotional side, the turbulent times, the dilemmas, thin lines of Life and Death, Celebration of Small events. Amazing Book by Col Rajrishi. Gripping n Fast Paced.

N
Namrita Sharma
Informer

यह कहानी समर प्रताप सिंह के उस प्रेरणादायक सफर को दर्शाती है, जिसमें वह लेफ्टिनेंट से मेजर बनने तक की कठिन और संघर्षपूर्ण राह तय करते हैं। इस मुकाम तक पहुँचने के लिए उन्हें न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक चुनौतियों का भी सामना करना पड़ता है। हर मोड़ पर उनके साहस, दृढ़ निश्चय और देश के प्रति समर्पण की झलक देखने को मिलती है। कहानी यह भी दिखाती है कि अपने मिशन को सफल बनाने की कीमत उन्हें कुछ निजी हानियों के रूप में चुकानी पड़ती है, जो इसे और अधिक भावनात्मक और वास्तविक बनाती है।समर प्रताप सिंह की पहली पोस्टिंग कश्मीर में होती है, जहाँ उन्हें कई नए अनुभव मिलते हैं—कुछ प्रेरणादायक, तो कुछ बेहद चुनौतीपूर्ण।कहानी के किरदार भी बहुत खूबसूरती से गढ़े गए हैं। समर का किरदार स्वाभाविक रूप से मजबूत और प्रभावशाली है, वहीं शाज़िया और कर्नल मुकेश जैसे पात्र कहानी में गहराई और विविधता जोड़ते हैं। सभी पात्र अपनी-अपनी भूमिका में कहानी को आगे बढ़ाने में अहम योगदान देते हैं।अगर आपको देशभक्ति, संघर्ष और आत्मबल से भरी कहानियाँ पढ़ना पसंद है, तो यह किताब आपके लिए एक बेहतरीन चुनाव हो सकती है। यह सिर्फ एक सैनिक की कहानी नहीं, बल्कि उसके जज़्बे और त्याग की दास्तान है। और हमेशा की तरह, मुझे इसके अगले अंक का बेसब्री से इंतजार रहेगा।

H
Hemant k.
Informer - fast paced thriller

Just finished reading Informer by Col Gautam Rajrishi . A thoroughly engaging and fast paced thriller set in contemporary settings . Written in a very simple yet unique style. 5 out of 5 stars

b
binish
Amazing book

Informer by Col Gautam Rajrishi is a gripping, emotionally rich novel that blends the sharpness of a military thriller with the tenderness of a love story set in contemporary Kashmir. The book stands out for its authenticity, drawn from the author’s own experience as a soldier, and for the way it humanizes every side of the conflict.At its heart are two people caught between duty and desire: an informer who carries secrets out of the enemy’s home, and the para commando who acts on those secrets, turning information into lethal action. Their relationship unfolds against a backdrop of violence and politics, yet the book never loses sight of the ordinary dreams and fears that make them relatable.A good read

H
Hawkie
Superb rendition

An absolute gripping book. The writer has highlighted multiple dimensions aspects in a very simplistic & lucid way…Looking for more work from the author……👏👏

v
vs danu
An apt title name given to the book. Must read book indeed.

Informer is a compelling action and adventure novel set in the volatile and shifting socio-political landscape of post-Article 370 Kashmir. Written by Col Gautam Rajrishi, an Indian Army officer whose service experience deeply informs the story, this book blends military realism with personal drama, ethical dilemmas, and interpersonal relationships.This interplay of lives — soldier, reporter, insurgent family, political heir — creates a rich and multilayered narrative in which friendship, loyalty, betrayal, and moral ambiguity drive the action forward.The title Informer itself evokes multiple layers: not just someone who provides intelligence, but what it means to serve, to reveal truths, and to betray — in life, love, and war. Informer is a thoughtful, action-packed, and emotionally resonant novel that stands out in contemporary Hindi literature for its blend of military insight and human storytelling.Gautam Rajrishi’s dual role as an army officer and writer gives the narrative a unique authenticity that will appeal to readers of military fiction, literary thrillers, and anyone interested in nuanced portrayals of conflict and conscience.

P
Piyush Joshi
Must read

इनफॉर्मर को सही मायनों में समझने के लिए पाठक का पहले “हैशटैग” पढ़ना लगभग ज़रूरी हो जाता है, क्योंकि वहीं से यह स्पष्ट होता है कि समर प्रताप सिंह कौन है, उसका भावनात्मक निर्माण कैसे हुआ और किन मानसिक उलझनों व असफल प्रेम से गुज़रकर उसने फौजी बनने का रास्ता चुना। हैशटैग उसके भीतर के टूटे हुए इंसान को सामने लाती है, जबकि इनफॉर्मर उसी इंसान को देश के लिए खुद को मिटा देने वाले सैनिक में बदलते हुए दिखाती है।कर्नल गौतम राज ऋषि ने इस किताब में मिलिट्री ट्रेनिंग को किसी फिल्मी रोमांच की तरह नहीं, बल्कि एक कठोर, क्रूर और यथार्थ अनुभव की तरह लिखा है। ट्रेनिंग कैंप का माहौल, अनुशासन, शारीरिक थकान, मानसिक दबाव और सीमाओं को तोड़ने की प्रक्रिया इतनी जीवंत है कि पाठक खुद उस मैदान में खड़ा महसूस करता है। समर का संघर्ष, बार-बार गिरना और फिर उठना, और अंततः पैरा कमांडो बनना यह साबित करता है कि एक सैनिक वर्दी से नहीं, बलिदान से बनता है।ट्रेनिंग के बाद समर की पोस्टिंग और फिर उसकी ज़िंदगी का सबसे संवेदनशील और खतरनाक मोड़ आता है, जब उसे अपनी पहचान त्यागकर एक दूसरी पहचान के साथ इनफॉर्मर बनना पड़ता है। दुश्मन के बीच रहकर सूचनाएँ निकालना, हर पल शक और मौत के साए में जीना—यह सब उसकी दिनचर्या बन जाता है। इसी दौरान एक मानवीय जुड़ाव भी जन्म लेता है, जो उसे भीतर ही भीतर अपराधबोध और गिल्ट में रखता है, क्योंकि वह जानता है कि उसका हर रिश्ता, हर भावना एक मिशन का हिस्सा है।इस कहानी की सबसे बड़ी ताक़त यह है कि समर प्रताप सिंह को लेखक ने एक आदर्श नायक नहीं, बल्कि एक flawed human being के रूप में पेश किया है। प्रोफेशनली वह जितना मज़बूत और अनुशासित है, व्यक्तिगत रूप से उतना ही उलझा हुआ है। असफल और एकतरफ़ा प्रेम उसे भावनात्मक रूप से इतना तोड़ देता है कि वह रिश्तों और भावनाओं को समझने की क्षमता खोने लगता है। उसके भीतर आकर्षण, भ्रम, मोह और अस्वीकृति की पीड़ा एक साथ चलती रहती है। वह प्यार को पाने की चाह में इतना भटक जाता है कि सामने मौजूद सच्ची भावना को पहचान नहीं पाता। धीरे-धीरे यह पीड़ा उसे स्त्रियों को एक भावनात्मक इंसान की बजाय केवल बाहरी सुंदरता के चश्मे से देखने की ओर धकेल देती है—जो उसके चरित्र की सबसे कड़वी, लेकिन सबसे मानवीय सच्चाई है।कहानी में एक के बाद एक कई अहम सैन्य ऑपरेशंस आते हैं, जिनके ज़रिए भारतीय सेना के रहन-सहन, नियम-कायदों, रणनीति और आपसी भाईचारे को बहुत बारीकी से दिखाया गया है। खासतौर पर कश्मीर का परिवेश, वहाँ का तनाव, आतंकवादियों से लगातार जूझता जीवन और हर पल बनी रहने वाली अनिश्चितता पाठक को यह एहसास कराती है कि देश की सुरक्षा कितनी भारी क़ीमत पर आती है।इस किताब की एक बेहद ख़ास खूबी यह है कि हर बड़े दृश्य के बाद दी गई शायरी। यह शायरी आने वाले दृश्य की भावनात्मक समरी की तरह काम करती है और कहानी को और गहराई देती है।इनफॉर्मर उस समयकाल में रची-बसी है जब देश पुलवामा अटैक, आर्टिकल 370 के हटने और 2019 के राजनीतिक-सामाजिक माहौल से गुजर रहा था। उसी दौर की घटनाएँ, जनभावनाएँ, बॉलीवुड फिल्मों और गानों के संदर्भ कहानी को ज़मीन से जोड़ते हैं और उसे और भी वास्तविक बनाते हैं।कुल मिलाकर, इनफॉर्मर सिर्फ़ आतंकवाद या मिलिट्री मिशन की कहानी नहीं है, बल्कि यह उस खामोश युद्ध की कथा है जो एक सैनिक अपने भीतर लड़ता है—कर्तव्य बनाम भावना, देश बनाम व्यक्तिगत जीवन, और ताक़त बनाम कमज़ोरी। यह किताब शुरू से अंत तक थ्रिलर की तरह बांधे रखती है और यह एहसास छोड़ जाती है कि वर्दी के पीछे भी एक इंसान होता है—अपने दोषों, भ्रमों और अधूरी चाहतों के साथ।

M
Mohit
UNPUTDOWNABLE!

An AWESOME book indeed!It is rare to see a military author writing such literature. There is no doubt that Colonel Rajrishi draws from his personal experiences when writing and this is what makes the book so refreshingly different. The author's command over the language is praiseworthy, especially given how he weaves commonly used words and slangs in the the classical Hindi language of the book.Overall, a MUST READ BOOOK.

P
Prathibha
An Excellent Read with Lasting Value

This book is a compelling blend of knowledge, experience and thoughtful narration. Col Gautam brings remarkable depth and authenticity to the subject, making it both informative and engaging. A must read book and a very good reference for readers who value substance and clarity.

V
V
Storyline

Excellent book, recomnended to all to read

K
Konark Kumar
A must read book for everyone !!

कश्मीर की वादियों में समर - शाजिया - रेहाना के अनूठे रिश्ते; अनकहे मुहब्बत, ज़ज्बात, प्यार, धोखा, समर्पण ये सब माँ भारती के ऊपर कुर्बान! कहानी की कसी हुई बुनावट पाठक को एक पल के लिए भी पुस्तक से अलग होने नहीं देती. जगह और घटनाएं का ऐसा वर्णन कि लगता है कि वो सभी हमारे आँखों के सामने घटित हो रहा है. कमांडो समर प्रताप सिंह और उनके साथियों का आतंकियों के साथ मुठभेड़ का एक-एक दृश्य पाठक की बेचैनी, घबराहट, उत्तेजना को बढ़ाती है लेकिन जैसे ही सैनिकों के बंदूकों से निकली एक-एक गोली देश के दुश्मनों के सीने पर उतरती है तो ये पूरा दृश्य उद्वेलित दिलो-दिमाग को एक सकून का एहसास दिलाती है - ऐसा मानो समर ने हमें एक अनजाने खौफनाक वारदात के बलि चढ़ने से बचा लिया! समर सीरीज की दूसरी पुस्तक हर मामले मे पहली पुस्तक पर भारी! सीरीज की तीसरी "मिशन" पुस्तक और बेहतरीन होगी इसी आशा के साथ- लेखक कर्नल गौतम राजरिशी जी को बहुत-बहुत बधाई!

S
Sisjsnsnsnn
Deepak Sharma

Fantastic and flawless storytelling by Col. Gautum Rajrishi on SF ops in Valley. Great work .A must read for young officers and troops .