Mayank Jain Parichha

Mayank Jain Parichha

मयंक जैन परिच्छा मध्य प्रदेश के छोटे से शहर शिवपुरी में जन्मे मयंक हमेशा खुद को किसी तय धारा से अलग देखते रहे हैं। वे काफ़ी लुंबे समय तक इस सवाल से जूझते रहे कि वास्तव में उन्हें करना क्या है, लेकिन उनको ये ज़रूर पता था कि क्या नहीं करना है। दिल्ली विश्वविद्यालय से राजनीतिक विज्ञान में स्नातकोत्तर करने के बाद उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान से अंग्रेज़ी पत्त्रकारिता की पढ़ाई की। इसके बाद संडे गार्डियन, द पेट्रियट और आउटलुक जैसे संस्थानों में काम किया। साथ ही, उन्होंने कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय अख़बारों व पत्रिकाओं के लिए भी लिखा, जिनमें अल जजीरा, हिंदुस्तान टाइम्स और एशिया डेमोक्रेसी क्रॉनिकल्स शामिल हैं। मयंक खुद को पत्रकार से ज़्यादा लेखक कहना पसंद करते हैं। पत्रकारिता के लिए उन्हें लाड़ली मीडिया अवार्ड 2022 और लाड़ली मीडिया स्पेशल मेंशन 2022 जैसे सम्मान मिले। इसके अलावा उन्हें Reuters, InOldNews और यूनिवर्सिटी ऑफ़ शिकागो जैसे संस्थानों से फैलोशिप्स भी मिली हैं। वे मुंबई में पटकथा लेखन का कार्य करते हैं और हाल ही में Zee5 के लिए हॉरर पॉडकास्ट शो की कहानियाँ लिखी हैं। मयेक जब लिख नहीं रहे होते, तो सो रहे होते हैं।

Books by Mayank Jain Parichha