Sharad Tripathi

Sharad Tripathi

शरद त्रिपाठी उन लेखकों में से हैं, जिन्होंने एक साथ कई माध्यमों में अपनी पहचान बनायी है। लेखन उनका पैशन है। इसके लिए उन्होंने मेडिकल का करिअर छोड़कर बंबई का रुख़ किया और अब तक "कहानी घर-घर की” और “क्योंकि सास भी कभी बहू थी" जैसे दर्जनभर लोकप्रिय धारावाहिक लिखे हैं । साथ ही उन्होंने कई वेब शो, फ़िल्में, गाने और किताबें भी लिखी हैं। इससे पहले उनका एक कहानी-संग्रह प्रकाशित हो चुका है। उपन्यास, पहला है शरद के फ़िल्मी लेखन और साहित्यिक रचनाओं पर नज़र डालें तो साफ़ दिखता है कि वह किसी एक विषय या शैली के बँधे-बँधाए ढर्रे पर नहीं चलते। वह लगातार मैनरिज़्म से बाहर निकलने वाले लेखक हैं। शायद उनका व्यक्तित्व भी कुछ ऐसा ही है। उनकी यह दृष्टि जीवन को एक प्रवाह मानने वाली सहजता से जन्म लेती है । यही सहजता उन्हें विविध कहानियों से रू-ब-रू कराती है। वह जैसा बोलते हैं, वैसा ही लिखते हैं- सरल, आत्मीय और सहज ।