Vidrohi Hoga Humara Kavi | विद्रोही होगा हमारा कवि By Santosh Arsh

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विद्रोही का जीवन उनकी कविताओं की सम्पूर्ण संरचना में अंतस्थ है। अविभाज्य । उन्होंने कवि होने का कोई उपक्रम नहीं किया । वे कवि थे । उनके जीवन ने सिद्ध किया। वे जेएनयू कैंपस के कालजयी लीजेंड हिंदी कवि थे । - उदय प्रकाश विद्रोही बड़े सपनों के कवि हैं। छोटे क़द का बड़ा कवि । मनुष्यता उनमें कूट-कूटकर भरी हुई है। एक जनकवि की प्रतिबद्धता जीने वाले विद्रोही जनता के प्रति अपनी ज़िम्मेदारी समझते हैं। वस्तुतः रमाशंकर विद्रोही संवेदनात्मक ज्ञान और ज्ञानात्मक संवेदना के लोकधर्मी कवि हैं । - चौथीराम यादव विद्रोही एक मलंग थे जो सभ्यता के जंगलों की ओर निकल आए। उन्होंने संतों की भावभूमि और मार्क्सय दृष्टिकोण को गूंथकर पीड़ा, आक्रोश और मोहब्बत की विलक्षण कविता हमें दी, जो क्रांति और समता के लिए हर लड़ाके की अपनी कविता है और पीढ़ियों तक हर सुख-दुख, जय-पराजय में हमारे साथ रहेगी । - प्रणय कृष्ण

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Book Details

Publisher Yuvaan Books
Edition 1st
ISBN 9789348497291
Year 2025
Format Paperback
Pages 262
Language Hindi

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