Bhartiya Bhooton Ki Ajeeb Dastan - 1 & 2 | भारतीय भूतों की अजीब दास्ताँ - भाग 1 और 2

Bhartiya Bhooton Ki Ajeeb Dastan - 1 & 2 | भारतीय भूतों की अजीब दास्ताँ - भाग 1 और 2

Rs. 318
Sale price  Rs. 318 Regular price  Rs. 398
Skip to product information
Bhartiya Bhooton Ki Ajeeb Dastan - 1 & 2 | भारतीय भूतों की अजीब दास्ताँ - भाग 1 और 2

Bhartiya Bhooton Ki Ajeeb Dastan - 1 & 2 | भारतीय भूतों की अजीब दास्ताँ - भाग 1 और 2

Rs. 318
Sale price  Rs. 318 Regular price  Rs. 398
In Stock
भारतीय भूतों की अजीब दास्ताँ भारत में हर समुदाय, जनजाति और उप-समुदाय के अपने भूत-प्रेत हैं। सदियों से भूत-प्रेतों की दुनिया भारतीयों को आकर्षित करती रही है। माना जाता है कि कुछ भूत जलाशयों के पास पाए जाते हैं और वे गुपचुप आते-जाते राहगीरों पर नज़र बनाए रखते हैं, तो कुछ गर्मियों के दोपहर में खेतों में भटकते रहते हैं और रास्ता खोए हुए पुरुषों को बहकाते हैं, तो कुछ ऐसे भी हैं जो अन्य बुराइयों से हमारी रक्षा करते हैं। शिकार की तलाश में पास-पड़ोस में भटकती उत्तर भारत की चुड़ैलों से लेकर मछली पसंद करने वाले पश्चिम बंगाल के मेछो भूत और तमिलनाडु के भयानक मुनि पेई भूतों तक— ऋकसुन्दर बनर्जी ने जादवपुर विश्वविद्यालय से बंगाली साहित्य में स्नातक और स्नातकोत्तर की डिग्री पूरी की है। उनकी बंगाली में ट्रेनर अड्डा, प्रबासे दैबेर बोशे, छाया शरीर (बंगाली में भूत-प्रेत कहानियों का संग्रह), चोलर पोथेर खोरकुटो आदि पुस्तकें प्रकाशित हैं और विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में लेख छपते रहते हैं। उनका पी-एच.डी. शोध-प्रबंध समय के साथ साहित्य में भूत-प्रेतों के संक्रमण पर केंद्रित रहा है। वर्तमान में वह बर्दवान विश्वविद्यालय में कार्यरत हैं।

Check delivery availability

Book Details

Publisher Yuvaan Books
Edition 1ST
ISBN B0D7CYKFSV
Year 2022
Format Paperback
Pages 321
Language Hindi

You may also like