Dibiya | डिबिया - उदय प्रकाश की छोटी कहानियों के इस चयन में भी उनके कथावैशिष्ट्य के सभी तत्व सहज गतिमान दिखते हैं। जादू, मार्मिक स्मृतियाँ, विडंबना बोध और व्यंग्य उनकी इन कहानियों में एक कौंध की तरह आते हैं और पाठक की चेतना को प्रकाशित कर जाते हैं। माँ, पिता, भाई और मित्रों से आत्मीय किंतु जटिल रिश्तों की कई परतें इन कहानियों की संवेदना भूमि को बनाती हैं।
Muhar | मुहर - रोली घमंडी है, रोली अकडू है, रोली ज़िद्दी है... ऐसी तमाम तोहमतों के बीच रोली है कि नौकरी पाने, नौकरी की जगह तक पहुँच पाने और वहाँ से घर लौटने की जद्दोजेहद से रोज़ गुज़र रही है। यक़ीन कीजिए कि ये साधारण सी दिखने वाली बातें एक वर्किंग वूमन के लिये रोज़ लड़ी जाने वाली लड़ाइयाँ हैं।
Nitshay Ki Kutai - यह ऐसी किताब है जिसे एक बार शुरू कर लेने के बाद आप पूरी कहानी पढ़े बिना छोड़ नहीं पाएँगे । व्यंग्य और कटाक्ष से सजी ये कहानियाँ छोटे शहरों और कस्बों की झलक देती हैं -- ऐसे पात्रों के बीच जिनसे हम अक्सर अपने आसपास मिलते हैं। यथार्थ, तर्क, कल्पना और संयोग मिलकर ये कहानियाँ जीवन को देखने का एक नया नज़रिया पेश करती हैं।
3 Mulaqatein Aur Kuch Kahaniyaan - 3 मुलाकातें और कुछ कहानियाँ’ हमारी भाषा में हमारे अपने समय की कहानियाँ हैं। इनके किरदार हमारे जैसे और जाने-पहचाने-से लगते हैं। प्रेम कहानियों का सार्वकालिक विषय है, लेकिन क्या हर समय का प्रेम एक-सा होता है? नहीं। क्या पिता और संतानों का रिश्ता हमेशा एक जैसा रहता है? जी नहीं।