Gyanyog | ज्ञानयोग

Gyanyog | ज्ञानयोग

Sale price  Rs. 239 Regular price  Rs. 299
Skip to product information
 
                
Exclusive Tyndale.com Preview
           
          
       
         

Information

                 
       
         

Add additional descriptions, sizing guides, or brand info here.

       
     
   
 

Gyanyog | ज्ञानयोग

Rs. 239
Rs. 299
Save 20%
In Stock

वेदान्त का सबसे उदात्त तत्त्व यह है कि हम एक ही लक्ष्य पर भिन्न-भिन्न मार्गों से पहुँच सकते हैं। स्वामी जी ने इन्हें साधारण रूप से चार मार्गों में विभाजित किया है- कर्ममार्ग, भक्तिमार्ग, योगमार्ग और ज्ञानमार्ग । परन्तु वे इन्हें बिल्कुल पृथक्-पृथक् विभाग नहीं मानते। वे कहते हैं कि ऐसी बात नहीं कि तुम्हें कोई ऐसा व्यक्ति मिले, जिसमें कर्म करने के अतिरिक्त दूसरी कोई शक्ति न हो, अथवा जिसमें केवल भक्ति या केवल ज्ञान के अतिरिक्त और कुछ न हो। ये विभाग उन्होंने केवल मनुष्य की प्रधान प्रवृत्ति अथवा गुण प्राधान्य के अनुसार किये हैं। ये सब मार्ग एक ही लक्ष्य में जाकर एक हो जाते हैं।
इसी तरह कुछ लोग ज्ञानमार्ग पसंद करते हैं। ऐसे लोग जीवन के परम सत्यों को केवल आस्था से नहीं, बल्कि तर्क, विवेक और बौद्धिक गहराई से समझना चाहते हैं। स्वामीजी की यह पुस्तक इस मार्ग का दरवाज़ा है। यह सारे भ्रमों को दूर कर निर्भीक, स्वतंत्र और आत्मविश्वासी बनाती है।
"स्वयं को कमज़ोर मानना ही सबसे बड़ा पाप है। तुम अमर आत्मा हो, न बंधे हो और न कभी बंध सकते हो।"

Check delivery availability

Book Details

Publisher Yuvaan Books
Edition 1ST
ISBN 9788169235365
Year 2026
Format Paperback
Pages 216
Language Hindi

You may also like