Informer | इन्फॉर्मर + Hashtag (हैशटैग)

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Rs. 480
Sale price  Rs. 480 Regular price  Rs. 600
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Informer | इनफॉर्मर वो एक भगोड़े आतंकवादी की पत्नी थी। वह एक शातिर राजनेता का बेटा था। वो कश्मीर के एक लोकप्रिय अख़बार की संवाददाता थी । वह भारतीय सेना का एक सख़्तजान पैरा कमांडो था । आर्टिकल 370 के हटने के बाद बदलते हुए कश्मीर की वादियों में उन दोनों की दोस्ती हुई। धीरे-धीरे दोस्ती बढ़ने लगी, वो उसके लिए दुश्मनों के ठिकाने की ख़बर लाने लगी और वो उन दुश्मनों पर कहर बनकर टूटने लगा। फिर दोस्ती, मुहब्बत, जज़्बा, नैतिकता और समर्पण आपस में गड्डमड्ड होकर एक ऐसी कहानी को सामने लाए, जिसमें सही और ग़लत का भेद कर पाना ही नामुमकिन हो गया।
Hashtag ( हैशटैग ) कड़कती धूप-सा पिता । नर्म छाँव-सी माँ। एक सकुचाया-सा लड़का । एक धक-सी गोरी लड़की । और एक अजीब-सी प्रेम कहानी । एक ऐसी कहानी जिसमें प्रेम तो तरतीब से सिमटा हुआ है, लेकिन कहानी बेतरतीब-सी जाने कहाँ से कहाँ तक फैली हुई है ! # पटना साइंस कॉलेज के केमिस्ट्री लैब से लेकर देहरादून इंडियन मिलिट्री एकेडमी के चेटवुड परेड-ग्राउंड तक । # बिहार के विधान-सभा चुनाव से लेकर भारतीय सेना के सर्जिकल स्ट्राइक तक । # शाहरुख़ ख़ान की 'दिल वाले दुल्हनिया ले जाएंगे' से लेकर सलमान ख़ान की 'सुल्तान' तक। कहानी, जो अपनी तरतीब सी बेतरतीबी में 'हमने कलेजा रख दिया- चाकू-की-नोक-पर' से उठती है तो फिर 'ऐसी-नज़र-से-देखा-उस- ज़ालिम ने चौक पर ही जाकर गिरती है।

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Book Details

Publisher Yuvaan Books
Year 2026
Format Paperback
Pages 400
Language Hindi

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