'लिफ़ाफ़ा' एक विरल और लुप्तप्राय पत्र-विधा की पुस्तक है। यह दो अनजान प्रेमियों के बीच भेजे गए खतों का एक ऐसा खूबसूरत संकलन है, जिसके लगातार होते आदान-प्रदान के बीच पाठक समय के साथ एक खूबसूरत संबंध को आकार लेते और विकसित होते देखते हैं। इस डिजिटल और जल्दबाज़ी के दौर में, यह किताब प्रेम और संवाद के उस धीमे, सहेज कर रखने योग्य अनुभवों को आवाज़ देती है।
दोनों ही पत्र-लेखक बेहद समझदार, विचारशील और प्रबुद्ध साहित्यिक रुचि के व्यक्ति हैं। यही कारण है कि इनके बीच का संवाद सतही नहीं है; इसमें जीवन, दर्शन, समाज और संवेदनाओं की अद्भुत गहराई है।
यह किताब जीवन के उतार-चढ़ाव, संघर्ष और अनिश्चितताओं के बीच उम्मीद की एक अनमोल किरण बनकर उभरती है। जब सब कुछ धुंधला नजर आ रहा था, तब इन दोनों के लिखे खत एक-दूसरे के लिए जीने का संबल बने।