Berozgaar Engineer aur Gungi Gun ka Insaaf | बेरोज़गार इंजिनियर और गूंगी गन का इंसाफ़

Berozgaar Engineer aur Gungi Gun ka Insaaf | बेरोज़गार इंजिनियर और गूंगी गन का इंसाफ़

Rs. 299
Skip to product information
 
                
Exclusive Tyndale.com Preview
           
          
       
         

Information

                 
       
         

Add additional descriptions, sizing guides, or brand info here.

       
     
   
 

Berozgaar Engineer aur Gungi Gun ka Insaaf | बेरोज़गार इंजिनियर और गूंगी गन का इंसाफ़

Rs. 299
In Stock

बेरोज़गार इंजिनियर और गूंगी गन का इंसाफ़ | लेखक: विश्वास शर्मा दिल्ली की उमस भरी अगस्त–सितंबर की रातें, झिर-झिर बरसात और गलियों की घुटन… इन्हीं के बीच चलती है यह कहानी— एक बेरोज़गार इंजीनियर, एक क़ातिल और एक पुलिसवाले की। बाबू दिलवाला जेल से सिर्फ़ तीन घंटे के लिए बाहर आया—मनचंदा का क़त्ल करने। लेकिन वह कभी लौट नहीं सका। किसने मारा उसे? उसकी प्रेमिका बेबी ने, मनचंदा ने, या हमेशा इंसाफ़ करने वाली गूँगी गन ने? पाठक को रहस्य का आधा सिरा पहले मिल जाता है, मगर किरदार अपनी ही तलाश में उलझे रहते हैं। सचाई की परतें धीरे-धीरे खुलती हैं और हर पन्ना दिल्ली के मौसम, बरसाती अँधेरे और बेचैन कर देने वाले माहौल से सराबोर है। यह उपन्यास केवल अपराधकथा नहीं है—यह अपने दृश्यात्मक और घटनात्मक प्रभाव से किसी फ़िल्म की तरह अनुभव कराता है।

Check delivery availability

Book Details

Publisher Yuvaan Books
Edition 1st
ISBN 9789348497253
Year 2025
Format Paperback
Pages 216
Language Hindi

You may also like