Kahin Aur Par Kahan | कहीं और पर कहाँ -
क्षितिज को नहीं पता कि माया उसे जानती भी है या नहीं। स्कूल में वह उससे एक क्लास पीछे थी और क्षितिज उसे चुपके-चुपके पसंद करता था लेकिन लड़कपन में लिखा गया लव लेटर माया तक कभी नहीं पहुँचा। बीस साल बाद, जब उसका तीन साल का रिश्ता टूटा, पर यक़ीन खो दिया। मगर जब दोबारा तलाश शुरू की, तो माया याद आयी। उसे नहीं पता माया कहाँ है, कैसी है लेकिन इस बार क्षितिज को उसे ढूँढना ही है। -कहीं और पर कहाँ
Jamunapaar Wali Muhabbat | जमुनापर वाली मोहब्बत -
एक अनूठी प्रेमकहानी जो जमुना की लहरों पर चलती नाव पर चुपचाप परवान चढ़ती और हालात के हाथों टूटती बिखरती रही.. जुड़ते-टूटते-बिखरते रहे मुहब्बत भरे दिल, उनके कोमल सपने और उनके आसपास का जीवन. चंदर, संध्या और मैरी की मार्मिक प्रेमकहानी जो जमुना के दो किनारों के बीच भी उतनी ही बिखरी हुई है जितनी कुम्भ और इलाहाबाद के आंतरिक संसार में. चंदर! क्या यह नाम अधूरी मुहब्बत और टूटा हुआ दिल थामे संगम के पास उदास छूट जाने के लिए शापित है?