Us Se Muhabbat + Aadat Hai Humko + Ghar Ke Vaaste

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Us Se Muhabbat + Aadat Hai Humko + Ghar Ke Vaaste

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उस से मुहब्बत' इस उन्वान से ही ज़ाहिर है कि वरुण आनंद की शायरी का ये मजमूआ, मुहब्बत की ग़ज़लों, नज़्मों और मसनवियों से सजा है । मुहब्बत की शायरी की इस किताब में महबूब से इजहार है, शिकायतें हैं और जुदाई के लम्हें दर्ज हैं। यहाँ मुहब्बत का हर रंग देखने को मिलेगा तो कहीं कहीं तंज़ का रंग इसे और दिलकश बनाता है । वरुण आनंद की शायरी आधुनिकता और परम्परा का अद्वितीय संगम है । एक ओर जहाँ आज की बातों को उनकी ग़ज़लों में जगह मिली है वहीं बड़ी बहर की पारम्परिक ग़ज़लें, नज़्में और मसनवियाँ इसे परम्परा का गाढ़ा रंग देती हैं ।
यह लोकप्रिय युवा कवि स्वयं श्रीवास्तव का पहला काव्य संग्रह है। इसके हर गीत और नज़्में पहले ही लोगों की ज़ुबान पर हैं। स्वयं श्रीवास्तव अपने समय की असल समस्याओं को उठाते हैं। उनकी कविताओं में युवा मन की बेकरारी, बेकारी, प्रेम, असफलताबोध और सौन्दर्याकांक्षा मिलेगी। जब उनकी हिन्दुस्तानी जुबान में आप इन्हीं चीज़ों को सुनते हैं तो एक ही बात जेहन में कौंधती है— “देखना तक़रीर की लज़्ज़त कि जो उसने कहा मैं ने ये जाना कि गोया ये भी मेरे दिल में है”।
गोपाल दत्त प्रसिद्ध अभिनेता और गीतकार गोपाल दत्त का यह कविता संग्रह उनके रचनात्मक संसार का एक नया और अनदेखा पक्ष सामने लाता है। मंच और परदे पर दिखाई देने वाले उनके व्यक्तित्व से परे, यह किताब उन भावनाओं, विचारों और अनुभवों को सहेजती है, जो अक्सर अभिनय की रोशनी में छूट जाते हैं। इस संग्रह में शामिल है उनकी लोकप्रिय और चर्चित कविता ‘और करो थिएटर’, साथ ही बड़े शहर के शोऑफ और कला की इंसाफ़ पसंदगी को दर्ज करती उनकी थोड़ी ड्रामैटिक लेकिन बेहद चर्चित कविता ‘बड़े शहर का स्क्रीनप्ले’। इसके अलावा, इसमें उनके कई ऐसे गीत भी हैं, जिन्हें आप पहले सुन चुके होंगे या जिनकी गूँज आपको जानी-पहचानी लगेगी। आदत है हमको गोपाल दत्त के बहुरंगी रचनात्मक व्यक्तित्व की सच्ची झलक है—जहाँ कविता, गीत और जीवन एक-दूसरे में घुलते नज़र आते हैं। कविता प्रेमियों और रंगमंच से जुड़े पाठकों के लिए यह संग्रह विशेष रूप से पठनीय है।

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Book Details

Publisher Yuvaan Books
Year 2025
Format Paperback
Pages 320
Language Hindi

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