3 Mulaqatein Aur Kuch Kahaniyaan - 3 मुलाकातें और कुछ कहानियाँ’ हमारी भाषा में हमारे अपने समय की कहानियाँ हैं। इनके किरदार हमारे जैसे और जाने-पहचाने-से लगते हैं। प्रेम कहानियों का सार्वकालिक विषय है, लेकिन क्या हर समय का प्रेम एक-सा होता है? नहीं। क्या पिता और संतानों का रिश्ता हमेशा एक जैसा रहता है? जी नहीं। क्या रिश्तों के जज़्बात हर समय एक से होते हैं? बिल्कुल नहीं। ये कहानियाँ रिश्तों के इसी बदलाव को पकड़ती हैं। इसमें कुल बारह कहानियाँ हैं, जो एक साथ हमारे अपने समय का रेखांकन करती हैं। इनकी भाषा हमारी टूटन, कश्मकश और बेहवास ज़िंदगी को तो पकड़ती है, लेकिन उसमें प्रेम, त्याग और इंसानियत की रोशनी भी दिखाई पड़ती है। लेखक याह्या लोकप्रिय स्पोकन वर्ड आर्टिस्ट हैं और लाखों लोग उनकी कहानियों की प्रतीक्षा करते हैं।
5 Jeevon Se Baatein - गूगल और इंटरनेट ने बच्चों की कल्पना से प्रकृति के असली, जीवंत रंग कहीं छीन से लिए हैं। जबकि पेड़, पौधों और जीव-जंतुओं की दुनिया अनगिनत रंगों, रहस्यों और कहानियों से भरी है। जीव विज्ञान पढ़ाते हुए समझ आया कि यह संसार कितना रोचक है- और इतना विस्तृत कि इसे एक बार में बता पाना लगभग असंभव है। इसी सजीव दुनिया से बच्चों का परिचय कराने के लिए मैंने कुछ जाने-पहचाने जन्तुओं को बच्चों से बातें करते हुए पेश करने की कोशिश की है । उसी प्रयास से यह किताब जन्मी - ताकि बच्चे फिर से प्रकृति को उसके अपने रंगों में देख सकें, सुन सकें और महसूस कर सकें।
Brahma Patra - क्या प्रेम वापस लौटता है ? क्या पत्रों के जवाब आते हैं ? क्या इंतज़ार कभी ख़त्म होता है ? जीवन-मृत्यु के अनेक सोपानों के पार जाती एक प्रेमकथा जो अपनी अंतर्यात्रा में जितनी सम्पूर्ण है, अपनी प्रतीक्षा में उतनी ही अधूरी । मीनाक्षी और धार्मिक की मार्मिक कहानी जो एक लाइब्रेरी में शुरू हुई, एक प्रेमपत्र से आगे बढ़ी और ब्रह्म-पत्र बनकर अमर हुई। प्रेम और बिछोह की युगों-युगों तक चलती कहानी जहाँ नियति भी एक पात्र है, नदी भी !
Champak Story Box Part 1 - ये कहानियाँ - वास्तविक जीवन में परेशान करने वाले प्रश्नों का जवाब ढूंढने में मदद करेंगी - शब्द भंडार और एकाग्रता को बढ़ाएंगी - भाषा, तार्किकता और क्षमता का विकास करेगी - बहुत मज़ेदार ढंग से भावनात्मक और ज्ञानात्मक क्षमता का विकास करेगी। ये कहानियाँ आज की उलझी हुई दुनिया में बच्चों को अभिव्यक्ति और रचनाशीलता के मौलिक रास्ते सुझाती हैं। चंपक: पिछले 50 सालों में चंपक पत्रिका ने लाखों बच्चों के मनोरंजन और शिक्षण का काम किया है। यह किताब बच्चों के लिए बहुत मज़ेदार और ज्ञानवर्धक है। चंपक ; पिछले 50 सालों में चंपक पत्रिका ने लाखों बच्चों के मनोरंजन और शिक्षण का काम किया है। यह किताब बच्चों के लिए बहुत मज़ेदार और ज्ञानवर्धक है।
Paandaan - पानदान’ — सिर्फ़ पान का सामान रखने की एक छोटी संदूक़ची नहीं, बल्कि एक ख़ानदानी विरासत है, जो पीढ़ियों से गुज़रते हुए मुमताज़ बेगम तक पहुँची है। यह अफ़साना एक औरत की उस नाज़ुक पर मज़बूत दुनिया की कहानी है, जो अपने हिस्से की इज़्ज़त, रुतबा और औलादों की परवरिश को उसी सलीके से सँभालती है, जैसे वह अपने पानदान को।
मुमताज़ बेगम का जीवन उन तमाम औरतों का प्रतीक है, जो समय और हालात की मार झेलते हुए भी अपने भीतर की गरिमा और अपनापन नहीं खोतीं। मुज्तबा ख़ान ने इस दास्तान को उस दौर के पूरे सामाजिक परिवेश, उसकी भाषा और रवायतों समेत हमारे सामने ज्यों का त्यों रख दिया है।
हर किरदार में मुहब्बत और इंसानियत की खुशबू है। भाषा में पुराने लखनऊ की नफ़ासत और क़िस्सागोई का ऐसा रंग है कि कहानी शुरू होते ही पाठक उस दुनिया में उतर जाता है — और आख़िरी पंक्ति तक वहीं ठहर जाना चाहता है।
लेखक परिचय:
मुज्तबा ख़ान प्रसिद्ध पटकथा लेखक और लोकप्रिय भाषा-शिक्षक हैं, जो अपनी रचनाओं में सामाजिक यथार्थ, इंसानी रिश्तों और सांस्कृतिक विरासत को बारीकी से पिरोते हैं।