Lifafa - 'लिफ़ाफ़ा' एक विरल और लुप्तप्राय पत्र-विधा की पुस्तक है। यह दो अनजान प्रेमियों के बीच भेजे गए खतों का एक ऐसा खूबसूरत संकलन है, जिसके लगातार होते आदान-प्रदान के बीच पाठक समय के साथ एक खूबसूरत संबंध को आकार लेते और विकसित होते देखते हैं। इस डिजिटल और जल्दबाज़ी के दौर में, यह किताब प्रेम और संवाद के उस धीमे, सहेज कर रखने योग्य अनुभवों को आवाज़ देती है।
दोनों ही पत्र-लेखक बेहद समझदार, विचारशील और प्रबुद्ध साहित्यिक रुचि के व्यक्ति हैं। यही कारण है कि इनके बीच का संवाद सतही नहीं है; इसमें जीवन, दर्शन, समाज और संवेदनाओं की अद्भुत गहराई है।
यह किताब जीवन के उतार-चढ़ाव, संघर्ष और अनिश्चितताओं के बीच उम्मीद की एक अनमोल किरण बनकर उभरती है। जब सब कुछ धुंधला नजर आ रहा था, तब इन दोनों के लिखे खत एक-दूसरे के लिए जीने का संबल बने।
Baramde - कहीं स्कूटी की चाबी होने वाली है गुम, तो कहीं अंकल चिप्स के लिए किया जाएगा जुर्म ।
कहीं प्यार से परीक्षा टकराएगी, तो कहीं आम खाते-खाते शर्ट पीली हो जाएंगी।
कैसा लगता है जब सुनने ना मिले “आई लव यू टू”, और क्या चुना जाए जब विकल्प हो केवल जंगल या ज़ू ?
आइए लौटते हैं उन बरामदों में जो हमारे कई किस्से और कांड का हिस्सा बन जाते थे
मिहिर की ये कहानियाँ भारतीय कस्बाई मध्यवर्ग का सुंदर और मार्मिक रेखाचित्त्र खींचती हैं और क़िस्सागोई इतनी अनूठी है कि इस किताब को बार-बार पढ़ने का मन करता है।
Champak Story Box Part 1 - ये कहानियाँ - वास्तविक जीवन में परेशान करने वाले प्रश्नों का जवाब ढूंढने में मदद करेंगी - शब्द भंडार और एकाग्रता को बढ़ाएंगी - भाषा, तार्किकता और क्षमता का विकास करेगी - बहुत मज़ेदार ढंग से भावनात्मक और ज्ञानात्मक क्षमता का विकास करेगी। ये कहानियाँ आज की उलझी हुई दुनिया में बच्चों को अभिव्यक्ति और रचनाशीलता के मौलिक रास्ते सुझाती हैं। चंपक: पिछले 50 सालों में चंपक पत्रिका ने लाखों बच्चों के मनोरंजन और शिक्षण का काम किया है। यह किताब बच्चों के लिए बहुत मज़ेदार और ज्ञानवर्धक है। चंपक ; पिछले 50 सालों में चंपक पत्रिका ने लाखों बच्चों के मनोरंजन और शिक्षण का काम किया है। यह किताब बच्चों के लिए बहुत मज़ेदार और ज्ञानवर्धक है।
Kahin Aur Par Kahan - क्षितिज को नहीं पता कि माया उसे जानती भी है या नहीं। स्कूल में वह उससे एक क्लास पीछे थी और क्षितिज उसे चुपके-चुपके पसंद करता था लेकिन लड़कपन में लिखा गया लव लेटर माया तक कभी नहीं पहुँचा। बीस साल बाद, जब उसका तीन साल का रिश्ता टूटा, पर यक़ीन खो दिया। मगर जब दोबारा तलाश शुरू की, तो माया याद आयी। उसे नहीं पता माया कहाँ है, कैसी है लेकिन इस बार क्षितिज को उसे ढूँढना ही है। -कहीं और पर कहाँ
Godan - गोदान' स्वंत्रतापूर्व भारतीय ग्रामीण जीवन का विश्वसनीय और सर्वश्रेष्ठ उपन्यास है। जमींदारी, साहूकारी और धार्मिक-सामाजिक दबाव कैसे छोटे और मझोले किसानों को कुचलकर नेस्तोनाबूद करते हैं, यह प्रेमचंद ने अपने इस उपन्यास में बड़ी सच्चाई से दर्ज किया है। इस उपन्यास में जहाँ कथित उच्च वर्ग के खोखले और निर्मम स्वरूप को उघाड़कर रख दिया गया है वहीं विधवा-विवाह और जाति समस्या पर भी विचारोत्तेजक बहसें हैं। उपन्यास के स्त्री पात्रों के विकासक्रम को देखें तो प्रेमचंद अपने युग के प्रमुख स्त्रीवादी कथाकार ठहरते हैं। कथानायक होरी अपने जटिल जीवन के बीच से, एक गाय पाल लेने का अधूरा स्वप्न लिये-लिये विदा हो जाता है। यह इस उपन्यास की प्रमुख कथा है। इससे जुड़ी हुई अनेक उपकथाएँ हैं, जो मूल कथा जितनी ही महत्त्वपूर्ण हैं, इसलिए 'गोदान' आज भी गंभीरता से पढ़े जाने की माँग करता है।