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Panchiyon Ka Sardar | पंछियों का सरदार By Sandeep Dwivedi

Rs. 179
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कौन है ‘पंछियों का सरदार' ‘पंछियों का सरदार’ इस संकलन की एक कविता का पात्र है, जो किसी जंगल के सारे पंछियों का नेता है, उनका मुखिया है। जिसका चरित्र कुछ ऐसा है कि वह किसी चुनौती से नही घबराता, उसे स्वीकारता है और डटकर सामना करता है। हिम्मत नहीं हारता । अब चूँकि मेरी यह पूरी पुस्तक चुनौतियों से लड़ने की, गिरकर उठने की और हार न मानने की पक्षधर है; यह हमारे भीतर इस पात्र की तरह दृष्टिकोण जागृत करने का प्रयास करती है तो मुझे लगा कि यह ‘पंछियों का सरदार’ इस पूरी पुस्तक का भी सरदार बन सकता है। इस विचार से मैंने पुस्तक के लिए यह शीर्षक चुना। तो यह थी ‘पंछियों का सरदार’ यह शीर्षक चुनने की कहानी। बाकी सार्थकता तो तब साबित होगी, जब यह 'पंछियों का सरदार आपके भीतर भी अपने जैसा साहस भर दे।

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Book Details

Publisher Yuvaan Books
Genre Poetry, Motivational, inspirational biography, Self-Help / Personal Development, Personal Growth, success and leadership, and Self-help & personal development
Edition 1st
ISBN 9789347125065
Year 2025
Format Paperback
Pages 112
Language Hindi

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H
Himanshoo Khosla
"कुछ किताबें पढ़ी नहीं जातीं, वे भीतर उतर जाती हैं… पंछियों का सरदार ऐसी ही एक पुस्तक है।"

"कुछ किताबें पढ़ी नहीं जातीं, वे भीतर उतर जाती हैं…पंछियों का सरदार ऐसी ही एक पुस्तक है।"संदीप द्विवेदी जी ने इन कविताओं के माध्यम से केवल शब्द नहीं लिखे, बल्कि साहस, आत्मविश्वास और हार न मानने की जिद को कविता का रूप दिया है।‘पंछियों का सरदार’ केवल एक पात्र नहीं,वह हर उस इंसान की आवाज़ है जो गिरकर भी उठना जानता है, जो डर के सामने झुकता नहीं, बल्कि उड़ान भरता है।यह पुस्तक पढ़ते हुए ऐसा लगता हैजैसे कोई अंदर से कह रहा हो थकना मना है, रुकना मना है, उड़ान अभी बाकी है।Kavi Sandeep Dwivedi जी को हृदय से साधुवादकि उन्होंने शब्दों के माध्यम सेअनेक टूटते मनों में फिर से पंख उगा दिए।यह पुस्तक उन सभी के लिए हैजो जीवन से हार मानने के बजायउसका नेतृत्व करना चाहते हैं।

m
motivationalbasant
Must read book

कभी मुट्ठी भींच ली, कभी दांत पीसने लगा,कभी आंखों में आसूं आ गए, तो कभी उल्लासित स्वर से चिल्ला उठा,कभी मूर्तिवत बैठे बैठे सोचता रहा,एक किताब ने समेट लिए मेरे सारे हार को, और भर दी प्रेरणा, उत्साह, उन तमाम कविताओं के माध्यम से जो चिन्हित कर रही थी बीज, समुद्र, पेड़ या तीर को, लेकिन उत्साहित हो रहा था मै।इसी तरीके से खत्म हुई एक ही बैठक में कवि संदीप द्विवेदी जी की पंछियों का सरदार।किताब थी असरदार।शुक्रिया, आभारबसंत

A
Amazon Customer
पंछियों का सरदार

Kavi Sndeep Dwivedi, really it's leaning book 📚, it's leans alot of things.. Every body need to order it..Highly recommended

p
piyush upadhyay
Awesome book

बहुत अच्छी पुस्तक... आपको जीवन के अनछुए पहलू से जोड़ती है... कविता नहीं आप खुद को पढ़ते है

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