Seva Sadan | सेवा सदन By Munshi Premchand
Rs. 359
Rs. 399
कहने को बहुत सारे पात्र हैं, उनके बदलने की परिस्थितियाँ हैं, उनका जटिल जीवन-चक्र भी है। लेकिन प्रेमचंद का उपन्यास 'सेवासदन' सुमन की कहानी है। एक ईमानदार दारोगा कृष्णचंद्र की प्यारी बेटी सुमन, पिता के पहले रिश्वत लेने की दुर्घटना से उलझकर वेश्यावृत्ति के रास्ते पर पहुँच जाती है। लेकिन कथा यहीं समाप्त नहीं हो जाती। सुमन अपनी आंतरिक ज्योति को वापस पाती है, अपने से जुड़े लोगों के जीवनोद्धार का प्रमुख कारण बनती है। कथा का अंत आते-आते बेसहारा को सहारा देने के निमित्त बने केंद्र 'सेवासदन' की निर्देशिका बनती है ।
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| Publisher | Yuvaan Books |
| Genre | Literature, Historical fiction, Literary Fiction, Social Realism, Social & Psychological Fiction , and Moral & Philosophical Fiction |
| Edition | 1st |
| ISBN | 9788119745654 |
| Year | 2026 |
| Format | Paperback |
| Pages | 326 |
| Language | Hindi |